मध्य प्रदेश के शहडोल में छत्तीसगढ़ से आए जंगली हाथियों के समूह ने पति-पत्नी को कुचल दिया। दोनों जयसिंहनगर इलाके में महुआ बीनने गए थे, जब हाथियों ने उन पर हमला बोला।
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शहडोल में जंगली हाथियों का आतंक।
- फोटो : सोशल मीडिया
शहडोल के जयसिंहनगर फॉरेस्ट रेंज में चितराव गांव के पास जंगली हाथियों ने पति-पत्नी को कुचल दिया। इससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पति-पत्नी जंगल में महुआ बीनने गए थे। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत फैल गई है। वन विभाग और पुलिस का अमला हाथियों के समूह पर नजर रखी जा रही है।
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शहडोल में हाथियों का जो समूह है, उसमें दो बच्चे भी हैं। इस वजह से समूह अधिक संंवेदनशील हो रहा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
पिछले कुछ समय से शहडोल इलाके में छत्तीसगढ़ से आए जंगली हाथियों का आतंक है। मंगलवार सुबह 5 बजे चितराव गांव के मोतीलाल बसोर और उनकी पत्नी मुलिया बाई महुआ बीन रहे थे। तभी हाथियों का दल वहां से गुजरा और उसने दोनों को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद फॉरेस्ट और पुलिस विभाग के कर्मचारी जंगल से लगे ग्रामीण इलाकों में मुनादी करवा रहे हैं। ग्रामीणों को जंगल की तरफ न जाने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीणों को शहडोल के जंगलों में न जाने की सलाह जारी की गई है।
- फोटो : सोशल मीडिया
सीसीएफ केपी वर्मा ने मीडिया से कहा कि छत्तीसगढ़ से हाथियों का दल अनूपपुर होते हुए शहडोल के जंगलों में आया है। यह हाथियों का नया दल है। दल में दो बच्चे भी हैं। इस वजह से हाथी अधिक संवेदनशील दिख रहे हैं। मंगलवार को हाथियों के समूह ने दो ग्रामीणों को कुचल दिया, जो पति-पत्नी हैं। विभागीय गाइडलाइन को फॉलो करते हुए सुरक्षा की पहल हो रही है। इस समय अनूपपुर और शहडोल के जंगलों में हाथियों के दो अलग-अलग दल घूम रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। महुआ का सीजन होने से लोग बड़ी संख्या में जंगल जा रहे हैं।