फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निमाड़ उत्सव का आगाज: अहिल्या घाट पर भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम, भजन संध्या में लक्खा सिंह ने बांधा समा

Sat, 22 Nov 2025 10:34 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर

सार

उद्घाटन समारोह का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध भजन गायक लखवीर सिंह लक्खा, जिनकी अखाड़ा शैली में प्रस्तुत भजनों ने पूरा घाट मंत्रमुग्ध कर दिया। “हर-हर नर्मदे” की गूंज के बीच लक्खा सिंह ने श्री राम, कृष्ण, केसरी नंदन और नर्मदा माता के भजनों से श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो दिया।
विज्ञापन
1 of 7
कार्यक्रम में भजन प्रस्तुति देते गायक लखवीर सिंह लक्खा। - फोटो : अमर उजाला

निमाड़ उत्सव 2025 का शुभारंभ आज अहिल्या घाट पर भक्तिरस से सराबोर माहौल के बीच हुआ। उद्घाटन दिवस के मुख्य आकर्षण रहे सुप्रसिद्ध भजन गायक अखाड़ा शैली में भजन गाने की अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले लखवीर सिंह लक्खा, जिनकी प्रस्तुति ने घाट परिसर को पूर्णतः आध्यात्मिकता और भक्ति से भर दिया। उनकी शक्तिशाली आवाज, ढोल और झांझ की पारंपरिक स्वर-लहरियां और आधुनिक यंत्रों तथा अखाड़ा-शैली का अनोखा जोश दर्शकों के मन में उतर गया। दर्शक बीच-बीच में तालियां बजाते हुए उनके सुरों से ताल मिलाते रहे।

विज्ञापन

2 of 7
अहिल्या घाट पर निमाड़ उत्सव का दिखा रंग। - फोटो : अमर उजाला

लक्खा सिंह की प्रस्तुति में भक्ति की ऐसी धारा बही, जिसमें दर्शक डूबते गए। कार्यक्रम की समाप्ति तक दर्शक लक्खा सिंह के भजनों के रसमय प्रवाह में डूबे रहे। उनके आगमन के साथ ही वातावरण में गूंजती “हर-हर नर्मदे” की ध्वनि ने पूरे घाट को पवित्रता से भर दिया। लक्खा सिंह ने एक के बाद एक कई लोकप्रिय और भावस्पर्शी भजनों की प्रस्तुति दी जैसे श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में..., अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो..., कीजो केसरी के लाल..., मां नर्मदा..., जयशम्भू जय जय शम्भू... भजनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लक्खा सिंह की प्रस्तुति का विशेष प्रभाव यह रहा कि घाट पर बैठे लोग देर तक शांति और दिव्यता में डूबे रहे। कई श्रद्धालु भजनों के दौरान भावुक होकर खड़े भी हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबने भक्ति के इस माहौल का भरपूर आनंद लिया।

ये भी पढ़ें- सिविल जज भर्ती-2022 में आरक्षित वर्ग के कम चयन पर हाईकोर्ट सख्त, संशोधित सूची बनाने का आदेश

विज्ञापन

3 of 7
अहिल्या घाट पर उपस्थित मेहमान। - फोटो : अमर उजाला

अहिल्या घाट पर सुबह से देर शाम तक कार्यक्रमों की शृंखला
उत्सव की शुरुआत सुबह 8 बजे उत्कर्ष विद्यालय से भव्य रैली के साथ हुई। क्षेत्रीय विधायक राजकुमार मेव और मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली के बाद संदीपनी विद्यालय ग्राउंड में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। पुरुष वर्ग कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक राजकुमार मेव, विक्रम पटेल की उपस्थिति में हुआ। इस प्रतियोगिता में कबड्डी बालक, बालिका वर्ग में कुल 62 टीमों के पंजीयन हुए है। कार्यक्रम में एसडीएम पूर्वा मंडलोई, तहसीलदार कैलाश सस्तीया, शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी हबीब बैग मिर्जा, बीईओ रामलाल चौहान, प्राचार्य बिरजू गुप्ता,अनीता हिरवे आदि मौजूद रहे। 

4 of 7
अहिल्या घाट पर लाइट एंड साउंड शो। - फोटो : अमर उजाला

अहिल्या घाट पर लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ
ऐतिहासिक अहिल्या घाट पर पर्यटकों की बहुप्रतीक्षित लाइट एंड साउंड शो परियोजना का शुभारंभ एक दिन पहले प्रभारी मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के मुख्य आतिथ्य में किया गया। उद्घाटन के साथ ही महेश्वर के घाट रोशनी, ध्वनि और अत्याधुनिक तकनीक से सजी अद्भुत प्रस्तुति से जगमगा उठे। पर्यटन विभाग द्वारा 6.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस शो ने अपने पहले ही दिन उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। शो की शुरुआत होते ही नर्मदा किनारे स्थापित आधुनिक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर लाइट, हाइड्रोलिक टॉवर, और 30 हजार ल्यूमेन क्षमता वाले प्रोजेक्टर ने महेश्वर की विरासत को जीवंत कर दिया।
 

विज्ञापन

5 of 7
लाइट शो में अहिल्या माता का जीवन। - फोटो : अमर उजाला

लाइट शो में दिखा लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की संपूर्ण जीवन
मां नर्मदा और अहिल्या के गौरवशाली इतिहास की अनूठी प्रस्तुति शो में मां नर्मदा की उत्पत्ति, अहिल्या बाई होल्कर के स्वर्णिम शासन, महेश्वर के किले और घाटों के ऐतिहासिक महत्व को बेहद सजीव तरीके से प्रस्तुत किया गया। सूत्रधार के रूप में वरिष्ठ समाचार वाचक जितेन्द्र रामप्रकाश की प्रभावशाली आवाज और अमित किल्लम के संगीत ने प्रस्तुति को और भी भावपूर्ण बना दिया। यह शो केवल रोशनी और ध्वनि का प्रदर्शन भर नहीं है, बल्कि महेश्वर की आत्मा को प्रकट करने वाली जीवंत कथा है। इसमें लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की संपूर्ण जीवन यात्रा को अत्यंत संवेदनशीलता और ऐतिहासिक प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। उनके न्यायपूर्ण शासन, लोककल्याण की नीतियों और समाज सुधार के प्रयत्नों को इस तरह दर्शाया गया है कि दर्शक स्वयं उस युग का अनुभव करने लगते हैं।

विज्ञापन

6 of 7
लाइट एंड साउंड शो। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग महेश्वर की गौरवशाली पहचान महेश्वरी हैंडलूम को समर्पित है। करघों की ध्वनि, बुनकरों के परिश्रम और अहिल्या बाई द्वारा विकसित इस परंपरा को दृश्य-श्रव्य माध्यम से बेहद सजीव रूप में उकेरा गया है।

महेश्वर और निमाड़ के शौर्य इतिहास को रेखांकित करते हुए मंच संचालक ने कहा, “इस प्रस्तुति में क्षेत्र के वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान को भी विशेष स्थान दिया गया है। उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण को जिस गरिमा के साथ प्रस्तुत किया गया है, वह न केवल दर्शकों को भावुक करता है, बल्कि राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना भी जागृत करता है। यह शो हमारे गौरवशाली इतिहास का केवल पुनर्पाठ नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरक संदेश है कि संस्कार, समर्पण, परिश्रम और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलकर ही समाज और देश का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सकता है।”

 

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
कार्यक्रम में गायक लखवीर सिंह लक्खा का स्वागत किया गया। - फोटो : अमर उजाला
दर्शकों ने सराहा – महेश्वर को मिला नया आकर्षण
उद्घाटन शो देखने पहुंचे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने प्रस्तुति को “अद्भुत”, “भावनात्मक” और “महेश्वर की पहचान से जुड़ा गौरवपूर्ण क्षण” बताया। घाट पर मौजूद भीड़ कई क्षणों तक शांत भाव से प्रस्तुति में डूबी रही। कार्यक्रम के अंत में विधायक मेव ने कहा कि “महेश्वर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को दुनिया तक पहुंचाने में यह शो मील का पत्थर साबित होगा।”


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें