सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था की प्रतीक नगरी महेश्वर में महाशिवरात्रि पर्व पर मां नर्मदा नदी के तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के करीब तीन बजे से ही “हर-हर महादेव” और “नर्मदे हर” के जयघोष के साथ स्नान शुरू हुआ। शाम तक लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
पूरे दिन नगर शिवभक्ति में डूबा रहा। नर्मदा तट स्थित प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। विशेष रूप से राजराजेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, वृद्ध कालेश्वर, सिद्धनाथ शिवालय, मातंगेश्वर मंदिर तथा त्रिवेणी संगम स्थित कालेश्वर-जलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का निरंतर प्रवाह बना रहा। भक्तों ने दुग्ध, गन्ने के रस और नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक किया। साधु-संतों की उपस्थिति ने धार्मिक वातावरण को और दिव्य बना दिया।
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