ममलेश्वर लोक निर्माण का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। लोक का स्थान बदलने के लिए कई दिनों से आंदोलन चल रहा है, इसी कड़ी में सोमवार को ओंकारेश्वर बंद का आह्वान किया गया था। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के इतिहास में पहली बार ब्रह्मपुरी, शिवपुरी और विष्णुपुरी क्षेत्रों में ऐसा स्वैच्छिक बंद देखने को मिला। मानो पूरा नगर लॉकडाउन में हो। तीनों पुरियों में सन्नाटा पसरा रहा। हजारों की संख्या में आए श्रद्धालु पीने के पानी, चाय–नाश्ते और भोजन तक के लिए तरस गए। नगर में टेंपो, नाव संचालन, दुकानें, सब कुछ ठप।
सिर्फ दूध, दवाइयां और सब्जी जैसी अत्यावश्यक दुकानों को थोड़ी देर के लिए खोला गया, लेकिन आंदोलन की गंभीरता देखते हुए उन्होंने भी बाद में दुकानें बंद कर दीं।
श्रद्धालुओं की परेशानी चरम पर, पानी तक उपलब्ध नहीं
भगवान ओंकारेश्वर–ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए दूर–दूर से आए श्रद्धालु यही पूछते रहे —पूरा ओंकारेश्वर बंद क्यों है? पीने के लिए पानी तक नहीं मिल रहा! नगर के इतिहास में इतनी व्यापक स्तर पर श्रद्धालुओं को परेशानी शायद कभी नहीं झेलनी पड़ी।
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