मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ममलेश्वर लोक निर्माण को लेकर ओंकारेश्वर में संत समाज और स्थानीय नागरिकों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के निवासी अपने घर-मकानों को छोड़ने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं।
संत समाज का सरकार को अल्टीमेटम ओंकारेश्वर में स्थितजड़ गणपतिमें महंतों, साधुओं और महिलाओं की बड़ी संख्या शामिल रही। संत समाज ने साफ कहा कि यदि सरकार ने ममलेश्वर लोक के निर्माण का स्थान परिवर्तन नहीं किया तो देशभर के साधु-संत ओंकारेश्वर में एकजुट होकर उग्र आंदोलन करेंगे। संतों का तर्क है कि ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी की मर्यादा और धार्मिक धरोहर के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
मां नर्मदा और ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। ब्रह्मपुरी क्षेत्र प्राचीन साधु-संत परंपरा और संस्कृतियों का जीवंत साक्षी है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने आस्था पर चोट पहुंचाई, तो संत समाज सड़क पर उतरकर देशव्यापी आंदोलन करेगा। ब्रह्मपुरी क्षेत्र की महिलाओं, बुजुर्गों और परिवारों ने कहा कि वे पीढ़ियों से यहीं रह रहे हैं। अचानक विस्थापन और तोड़फोड़ उनके जीवन को उजाड़ देगा।
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