मां नर्मदा के तट पर स्थित घाट अब पूरी तरह से जगमग होंगे। मां सरयू की तर्ज मां नर्मदा के घाटों को विकसित करने की सरकार ने एक बड़ी योजना बनाई है, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस मामले पर एक प्रेसवार्ता की है। चलिए जानते हैं क्या-क्या कहा है..?
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मां नर्मदा के घाटों के विकास के लिए मॉडल तैयार। कुछ ऐसे दिखेंगे जल्द।
- फोटो : अमर उजाला
जबलपुर में मां सरयू के तर्ज पर मां नर्मदा का पावन तट को विकसित करने के प्रारूप के प्रस्तुतीकरण लेकर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने समदड़िया होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। बता दें, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने जबलपुर के घाटों का विकास सरयू की तर्ज पर करने की घोषणा की थी।
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प्रवेश द्वार का चित्र।
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मां नर्मदा की गोद में स्थित है गौरीघाट
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा जिनकी प्रत्येक लहर में आस्था, संस्कृति और जीवन की धारा बहती है। जबलपुर में मां नर्मदा की गोद में स्थित है गौरीघाट। यहां, मां नर्मदा की शांत लहरें श्रद्धालुओं को शांति और शक्ति दोनों प्रदान करती हैं। प्रत्येक घाट पर स्नान, पूजा और ध्यान की पवित्रता समाई हुई है। यहां की शांति और प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को अपनी ओर खींचती है। गौरीघाट न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और अध्यात्मिक पर्यटन का भी गौरव है।
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बनने के बाद कुछ ऐसा दिखेगा विसर्जन कुंड।
- फोटो : अमर उजाला
प्राचीन मंदिर को यथावत रखते हुए होगा निर्माण
राकेश सिंह ने बताया यहां पर स्थित प्राचीन मंदिर को यथावत रखते हुए घाटों का विकास किया जाएगा। यहां से थोड़ा आगे दरोगा घाट की तरफ एक बड़ा ‘नाव घाट’ बनाया जाएगा। दरोगा घाट पर भी श्रद्धालुओं के उतरने के लिए व्यवस्थित सीढ़ियां बनाई जाएंगी। घाट की दीवारों पर आर्टवर्क एवं म्युरेल्स के माध्यम से मां नर्मदा की गाथा का चित्रण भी किया जाएगा।
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आरती घाट इस तरह बनकर होगा तैयार।
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संध्या आरती के लिए बनेंगे भव्य मंच
यहां पर संध्या आरती के लिए स्थान निश्चित किया गया है। संध्या आरती के लिए पांच भव्य मंच निर्मित किए जाएंगे। ये मंच श्रद्धालुओं को दिव्य और अलौकिक अनुभूति प्रदान करेंगे। आरती स्थल के सामने एक विशेष बैठक स्थल बनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु भक्ति भाव से आरती की अनुभूति में लीन हो सकेंगे। आरती स्थल के पीछे की ओर चौड़ी सीढ़ियां बनाई जा रही हैं, यहां से भी श्रद्धालु आरती का आनंद ले सकेंगे। वर्षा ऋतु में भी माँ नर्मदा की आरती निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए सीढ़ियों के ऊपर विशेष स्थान का निर्माण किया जाएगा।
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चैनल का किया जाएगा निर्माण।
- फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं के स्नान एवं पूजन के लिए बनाया जाएगा चैनल
पीसी में बताया गया कि गौरीघाट के प्रवेश पर सड़क की ढलान को आसान और चौड़ा बनाया जाएगा, ताकि घाटों के रखरखाव हेतु वाहन एवं अन्य उपकरण आसानी से पहुंच सकें। गौरीघाट से प्रारंभ होकर एक चैनल का निर्माण किया जाएगा, जो लगभग 800 मीटर लंबा, औसतन 15 मीटर चौड़ा और करीब 1 मीटर गहरा होगा। यहां इस चौनल के माध्यम से मां नर्मदा की जलधारा को श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इस चैनल से मां नर्मदा की मुख्य धारा को प्रदूषण-मुक्त रखते हुए श्रद्धालुओं के स्नान एवं पूजन के लिए बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित व्यवस्था मिल सकेगी। इस चैनल के दो भाग होंगे।
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वाहन पार्किंग की होगी उत्तम व्यवस्था।
- फोटो : अमर उजाला
प्राकृतिक जलधारा रहेगी यथावत
राकेश सिंह ने बताया घाटों पर स्थित अनेक छोटे-बड़े मंदिरों को एक ही स्थान पर पुनःस्थापित कर व्यवस्थित रूप प्रदान किया जाएगा। सिद्ध घाट की ओर से आ रही प्राकृतिक जलधारा जो गोमुख से प्रवाहित हो रही है उसे यथावत रखा जाएगा।
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वर्षा से बचाव के लिए ऐसे होंगे आरती स्थल।
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वॉच टावर से होगी सुरक्षा पर नजर
जानकारी दी गई कि यहां पर श्रद्धालुओं के लिए रैंप तथा घाटों की सुरक्षा के लिए वाच टावर बनाए जाएंगे। चैनल से बहने वाली माँ नर्मदा की जलधारा को गोमुख से प्रवाहित किया जाएगा। आगे की ओर जिलहरी घाट की तरफ भी एक ‘नाव घाट’ बनाया जाएगा। जिलहरी घाट पर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक भव्य मंच निर्मित किया जाएगा, जो इस प्रकार से दिखाई देगा।
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सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
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पांच स्थानों पर होगी पार्किंग सुविधा
नर्मदा घाट क्षेत्र में यातायात जाम और अव्यवस्था को रोकने के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग की आवश्यकता है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए, घाटों के समीप ही पांच स्थानों पर पृथक से सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इन पांच पार्किंग स्थल के अंतर्गत लगभग 900 टू व्हीलर एवं 700 फोर व्हीलर के पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था से आगंतुक अपने वाहनों को सुरक्षित रखते हुए माँ नर्मदा के पावन दर्शन का लाभ ले सकेंगे। इस व्यवस्था में वर्तमान पार्किंग का विस्तार किया जाएगा तथा नई पार्किंग भी विकसित की जाएगी। पार्किंग स्थल पर जन सुविधाओं की उचित व्यवस्था भी की जाएगी। यहां विकसित हो रहे पार्किंग स्थल पर प्रसाद वितरण हेतु एक विशेष स्थान का निर्माण किया जाएगा।
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तट पर ऐसी होगी बैठक व्यवस्था।
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गौरीघाट पर वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा
गौरीघाट पर वाहनों का प्रवेश निषेध होगा। इसके लिए ड्रॉपिंग प्वाइंट से गौरीघाट तक की सड़क को पैदल पथ में परिवर्तित किया जाएगा। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु एक संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
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आपातकालीन मार्ग।
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वृद्ध एवं दिव्यांगों के लिए होगी ई-कार्ट
सिंह ने बताया इस मार्ग पर वृद्ध एवं दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा के लिए ई-कार्ट भी चलाई जाएगी। यह मार्ग आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी सिद्ध होगा। इसी मार्ग पर आरती स्थल आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दुकानें बनायी जाएंगी। यहां पर एकस्वागत द्वार भी बनाया जाएगा । यह मार्ग आगे खारीघाट के पार्किंग तक पहुँचेगा और दूसरे चरण में विकसित होने वाले तिलवारा घाट को भी जोड़ेगा। घाटों को सुव्यवस्थित रूप में विकसित करने के लिए पर्याप्त खुली जगह, हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, चेंजिंग रूम तथा एक समान वास्तुशिल्प में संरचनाएं विकसित की जा रही है।
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बड़ा नाव घाट बनने के बाद होगा बेहद खास।
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'पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता'
मां नर्मदा घाटों के इस विकास कार्य में हर स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सम्पूर्ण घाट पर रात्रिकालीन सुरक्षा और सुन्दरता के लिए आधुनिक सौर ऊर्जा चलित एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी, जो पर्यावरण हितैषी होने के साथ-साथ हर शाम घाट की सुंदरता को और भी निखारेंगी। दुकानों के आसपास अपशिष्ट और कचरा न फैले तथा सफाई और पर्यावरण अनुकूलता बनी रहे, इसके लिए घाटों पर अंडरग्राउंड ड्रेनेज की व्यवस्था की गई है। यह कहना है राकेश सिंह का।
मोक्षधाम के निर्माण भी होगा
राकेश सिंह ने बताया गौरीघाट मुक्तिधाम को अत्यंत व्यवस्थित मोक्षधाम का स्वरूप देने की कल्पना को साकार करने की योजना भी तैयार की जा रही है। घाटों के विकास के साथ ही व्यवस्थित मोक्षधाम के निर्माण कार्य भी होगा। सिंह ने कहा यह माँ नर्मदा की सेवा का एक पुण्य अवसर है। हमारी आस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प है। माँ नर्मदा की कृपा से यह घाट सरयू की तर्ज पर विकसित हो इस हेतु आप सभी का सहयोग, समर्पण और आशीर्वाद इस पुनीत कार्य को सफल बनाएगा।