मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाने जाते हैं। इन राष्ट्रीय उद्यानों की यात्रा हर सैलानी को कम से कम एक बार ज़रूर करनी चाहिए। कई ऐतिहासिक स्थलों और विभिन्न मंदिरों के अलावा यहां के समृद्ध वन मध्य प्रदेश को और प्रसिद्ध बनाते हैं, साथ ही वन्यजीव पर्यटन का अनुभव करने देश-विदेश से हज़ारों सैलानी हर वर्ष यहां आते हैं। प्रकृति के सौंदर्य से भरपूर, मध्य प्रदेश भारत के उन राज्यों में से एक है जहां आप सबसे ज्यादा विभिन्न प्रजाति के जीवों को जंगल में बेफिक्र घूमते हुए देख सकते हैं। 12 राष्ट्रीय उद्यानों और 6 बाघ अभयारण्यों के साथ, मध्यप्रदेश भारत का 'वन्यजीव हॉटस्पॉट' है जो जानवरों की दुनिया को स्वतंत्रता के साथ रहने के लिए एक बेहतर स्थान बनाता है।
बांधवगढ़, कान्हा और पेंच कुछ ऐसे विरासत राष्ट्रीय उद्यान हैं, जहां आप रॉयल बंगाल बाघों को उनके मूल आवास में देखने का आनंद ले सकते हैं। प्रदेश में 28.27 प्रतिशत वन क्षेत्र है जो कि पूरे देश के राज्यों से ज्यादा है। भारत देश में 2967 बाघ मौजूद हैं जिसमें से 526 (लगभग 18%) बाघ मध्य प्रदेश में मौजूद हैं।
विज्ञापन
2 of 7
यहां रॉयल बंगाल टाइगर्स के साथ-साथ तेंदुए और बारासिंघा जैसे अन्य जीवों को भी देख सकते हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में सबसे बेहतरीन प्रबंधित राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान अपने खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के लिए विश्वभर में जाना जाता है और यह पर्यटकों को रोमांच से भर देता है। यहां रॉयल बंगाल टाइगर्स के साथ-साथ तेंदुए और बारासिंघा जैसे अन्य जीवों को भी देख सकते हैं। कई जल धाराएं और घने जंगल इस राष्ट्रीय उद्यान को सुशोभित कर पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं। यहां के सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक 'बम्मी दादर' है जो एक सनसेट प्वाइंट के रूप में भी प्रसिद्ध है। रुडयार्ड किपलिंग द्वारा लिखी गई प्रसिद्ध 'द जंगल बुक' के प्रेरणा के रूप में भी कान्हा राष्ट्रीय उद्यान प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
3 of 7
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान शानदार प्रकृति के साथ-साथ भारत देश के सबसे अधिक बाघों को संजोए हुए है।
- फोटो : सोशल मीडिया
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान शानदार प्रकृति के साथ-साथ भारत देश के सबसे अधिक बाघों को संजोए हुए है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान इस राजसी जानवर को देखने के लिए मध्य प्रदेश में सबसे अच्छे बाघ अभयारण्यों में से एक है। इस जगह का एक दिलचस्प इतिहास भी है, ऐसा माना जाता है कि सफेद बाघ सबसे पहले यहीं पाए गए थे और यह महाराजाओं के लिए एक प्रसिद्ध शिकारगाह भी था। बांधवगढ़ को किले की ट्रेकिंग, बांधवगढ़ बाजार में खरीदारी, वन्यजीव सफारी और वन्यजीव फोटोग्राफी और भी शानदार बना देती है।
4 of 7
मध्यप्रदेश के सबसे भव्य राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है पन्ना राष्ट्रीय उद्यान।
- फोटो : सोशल मीडिया
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान
मध्यप्रदेश के सबसे भव्य राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है पन्ना राष्ट्रीय उद्यान। इस राष्ट्रीय उद्यान को विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों के लिए जाना जाता है। केन नदी इस रष्ट्रीय उद्यान होकर बहती है। यह राष्ट्रीय उद्यान हर प्रकृति प्रेमी पर्यटक के मन को सुकून से भर देता है। इस उद्यान की खूबसूरती को परखने के लिए बोट सफारी या हाथी सफारी से इस जगह को घूमना चाहिए। यह मध्य प्रदेश में सबसे आकर्षक बाघ अभयारण्यों में से एक है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान भारतीय बाघ, घड़ियाल, गिद्ध, चार सींग वाले मृग आदि जैसे जंगली जीवों के लिए प्रसिद्ध है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में रानेह फॉल्स, केन घड़ियाल अभयारण्य, महामती प्राणनाथजी मंदिर, मदला और अजयगढ़ किला जैसी जगहों की भी सैर करनी चाहिए।
विज्ञापन
5 of 7
सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में प्राचीन प्रकृति और आकर्षक वन्य जीवन की दुनिया बहुत सुरक्षित है।
- फोटो : सोशल मीडिया
सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान
मध्य प्रदेश के सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में प्राचीन प्रकृति और आकर्षक वन्य जीवन की दुनिया बहुत सुरक्षित है। यह स्थान कई पुरातात्विक कलाकृतियों और अद्भुत चित्रों को उद्यान में संजोए हुए है। यह उद्यान आने वाले सभी पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां कई पक्षी, सरीसृप और स्तनधारियों की विभिन्न प्रजातियां मौजूद हैं। सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान में सबसे आकर्षक अनोखे पक्षी और दलदली मगरमच्छ हैं, जिन्हें यहां देखा जा सकता है। यहां का प्राकृतिक परिदृश्य पहाड़ी, गहरी घाटियों और ऊबड़-खाबड़ इलाकों से भरा हुआ है जो इसे मध्य प्रदेश के सभी साहसिक पर्यटकों को सुकून महसूस कराता है।
विज्ञापन
6 of 7
संजय राष्ट्रीय उद्यान में तेंदुए भी मिलते हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
संजय राष्ट्रीय उद्यान
अपने समृद्ध वनस्पति और जीवों के लिए प्रसिद्ध, संजय राष्ट्रीय उद्यान, संजय दुबरी टाइगर रिजर्व का एक हिस्सा है। यह मध्य प्रदेश का एक धरोहर आकर्षणों में से एक है। यहां कई जंगली जानवरों का घर है, जिसमें बाघ, तेंदुआ, सांभर हिरण, चिंकारा आदि की लुप्तप्राय प्रजातियां शामिल हैं। पर्यटक पार्क के पास चमरदाडोल में जनजातीय हाट भी घूम सकते हैं।
पेंच नेशनल पार्क में कई राजसी बाघों के लिए एक अद्भुत वन है।
- फोटो : सोशल मीडिया
पेंच राष्ट्रीय उद्यान
पेंच नेशनल पार्क में कई राजसी बाघों और मायावी तेंदुओं के घर होने के साथ-साथ कई वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अद्भुत वन है। इस उद्यान का नाम पेंच नदी के नाम पर रखा गया है जो राष्ट्रीय उद्यान से होकर बहती है और इसे दो बराबर भागों में विभाजित करती है। पेंच नेशनल पार्क का अद्भुत परिदृश्य अबुल फजल द्वारा लिखित ऐतिहासिक संस्मरण आइन-ए-अकबरी में चित्रित होने के लिए भी प्रसिद्ध है। जीप सफारी, हाथी की सवारी, पक्षी देखने आदि जैसी विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर इस वन्यजीव हॉटस्पॉट की सुंदरता का आप आनंद ले सकते हैं। पेंच नेशनल पार्क में कुछ लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण सीताघाट, अलीकट्टा, छिन्दिमट्टा रोड, बोधनाला रेंज, रैयकासा, दूब रोड और कालापहाड़ हैं।