पंडित प्रदीप मिश्रा और स्वामी प्रेमानंद के बीच चल रहे राधा रानी विवाद में अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एंट्री हो गई है। विवाद पर कई नई बातें सामने आई हैं।
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पंडित प्रदीप मिश्रा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, स्वामी प्रेमानंद महाराज
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
पंडित प्रदीप मिश्रा (pandit pradeep mishra) और स्वामी प्रेमानंद महाराज (swami premananda maharaj) के बीच चल रहे राधा रानी विवाद (radha rani) में अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एंट्री हो गई है। मंत्री ने ओंकारेश्वर में चल रही पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान उनसे मुलाकात की और आशीर्वाद लिया। मंत्री समर्थकों ने बताया कि मुलाकात के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्री को स्वामी प्रेमानंद महाराज के सात हुए विवाद की भी जानकारी दी।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंडित प्रदीप मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
मंत्री ने शेयर की तस्वीर
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पंडित प्रदीप मिश्रा से मुलाकात का एक फोटो भी शेयर किया है। फोटो के सात उन्होंने लिखा है कि ओंकारेश्वर में सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से हो रही शिव महापुराण कथा का श्रवण करने के पश्चात उनका सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस फोटो पर भी लोगों ने यह कमेंट किए हैं कि राधा रानी विवाद को समाप्त होना चाहिए।
क्या है विवाद
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि भगवान कृष्ण की पत्नियों में राधा का नाम नहीं है। राधा रानी के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था। राधाजी का विवाह छाता में हुआ था। राधाजी बरसाना की नहीं, रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में तो उनके पिता की कचहरी थी, जहां वह साल भर में एक बार आती थीं।