इंदौर में सिमरोल के बीएम कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा को छात्र ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें सीपीआर देकर वेंटिलेटर रखा गया है। इससे पहले उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि छात्र आशुतोष ने मार्कशीट के लिए विवाद करते हुए बाल्टी में भरा पेट्रोल उन पर डाल दिया और आग लगा दी। वह बचने के लिए कॉलेज परिसर में कई मीटर तक दौड़ीं भी। वहीं दूसरी ओर आशुतोष को इस घटना का कोई पछतावा नहींं है। वह पुलिस कार्रवाई से बचने के बहाने बना रहा है और कह रहा है कि वह तो खुद आत्महत्या करने आया था। प्रिंसिपल उसकी चपेट में आ गईं।
आरोपी ने खाना खाया, आराम से ली नींद
एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती छात्र आशुतोष को अपने किए पर कोई पछतावा नजर नहीं आ रहा है। वह पुलिस को गुमराह करने के लिए लगातार बहाने बना रहा है। वार्ड में वह डॉक्टरों से बातचीत करता है और कहता है कि वह डिप्रेशन में है। डॉक्टर अभय ब्राह्मणे ने कहा कि उसकी मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक है। वहां पर आने के बाद वह अच्छे से खाना भी खा रहा है और पूरी नींद लेता है।
खुद की बाइक से निकाल पेट्रोल
आशुतोष ने आग लगाने के लिए तेजाजी नगर से एक बाल्टी खरीदी और खुद की बाइक से पेट्रोल निकाला। कॉलेज में जाने के बाद उसने प्रिंसिपल पर पेट्रोल डाल दिया और अपनी सिगरेट पीने वाले लाइटर से आग लगा दी।