इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में शुक्रवार से तीन दिवसीय जैविक मेला शुरू हुआ। मेले में देश के कोने कोने से जैविक खेती करने वाले किसान आए हैं। किसान अपने जैविक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं साथ ही खेती की नई तकनीकें भी सीख रहे हैं। पद्मश्री जनक पलटा और ब्रह्मकुमारी अनिता दीदी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
हेल्दी और टेस्टी जैविक प्रोडक्ट्स लाए किसान
मेले में किसान कई तरह के हेल्दी और टेस्टी जैविक प्रोडक्ट्स लाए हैं। यहां पर ज्वार, बाजरा के बिस्कुट, आंवले का जूस, कई तरह के शहद के फ्लेवर और भी बहुत कुछ उपलब्ध है। सभी चीजें किसान खुद अपने हाथों से बनाकर लाए हैं।
ज्वार और बाजरा के नमकीन और कुकीज।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
खेती से जुड़ रहे युवा
यहां पर बड़ी संख्या में युवा आए हैं जो खेती कर रहे हैं। इनमें कई पढ़े लिखे युवा हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा के बाद खेती का काम अपनाया है। खेती को ये नई तकनीकों से जोड़कर बेहतर मुनाफा भी कमा रहे हैं और अन्य युवाओं को भी खेती में आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
प्राकृतिक तरीके से शहद में दिए चार फ्लेवर
ग्वालियर में जैविक खेती कर रहे युवा बाइसो धाकड़ भी जैविक मेले में आए हैं। उन्होंने शहद में चार तरह के फ्लेवर दिए हैं और सभी फ्लेवर प्राकृतिक तरीके से बनाए गए हैं। वे लीची, अजवाइन, सौंफ और सरसों में शहद तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि जहां पर वे मधुमक्खी पालन करते हैं वहां पर इन चारों फ्लेवर वाले पौधे लगाए जाते हैं। मधुमक्खियां इन्हीं से शहद बनाती हैं जिससे शहद में यह फ्लेवर प्राकृतिक तरीके से आता है।