इंदौर में जुलाई की शुरुआत में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। नगर में केवल 10.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि औसत 310.1 मिमी होती है। चक्रवात के चलते बारिश का सिस्टम सक्रिय नहीं हो पा रहा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।
इंदौर में जुलाई माह में आरंभ से ही अच्छी बारिश होती है, पर इस बार एक हफ्ता बीतने के बाद भी नगर में अच्छी वर्षा का इंतजार है। अभी तक नगर में जून और जुलाई में 145.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है। जुलाई की औसत वर्षा 310.1 मिमी है। 1 जुलाई से रविवार सुबह तक नगर में मात्र 10.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम तो बन रहा है, लेकिन चक्रवात इसमें रोड़ा बना हुआ है।
जुलाई की बारिश ही गर्मी की तपन से राहत देती है, माह में आरंभ से तेज बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी से इंदौरवासी परेशान हैं। बीते दिन नगर का औसत अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री कम था। हिंदू पंचांग के अनुसार जुलाई माह का आगमन आषाढ़ में हुआ है और 11 जुलाई से सावन माह लग जाएगा। पूरे जुलाई माह में सावन रहेगा। आषाढ़ महीना गर्मी और बारिश के बीच सेतु का काम करता है। वर्षा काल में जुलाई और अगस्त माह में ही अधिक वर्षा होती है।
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जुलाई माह में बारिश की स्थिति
- फोटो : अमर उजाला
सावन के सेरे शुरू होंगे
रविवार को देवशयनी एकादशी होने के साथ भगवान श्रीहरि योग निद्रा में रहेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार अगले चार माह संसार का भार शिव के जिम्मे रहेगा। सावन महीने की शुरआत होते ही सावन के सेरे आरंभ हो जाते हैं। अभी अच्छी बारिश नहीं होने से दुकानों पर रेन कोट और छातों की बिक्री के लिए ग्राहकों का इंतजार है।
2013 में जुलाई में हुई थी 22.3 इंच वर्षा
जुलाई माह में वर्ष 2013 में 565.6 मिमी (22.3 इंच) और वर्ष 2015 में 560.4 (22 इंच) बारिश ने रिकॉर्ड कायम किया था। पिछले एक दशक में सबसे कम बारिश 2021 में 7 इंच और दशक में सर्वाधिक बारिश 2023 में 18 इंच दर्ज की गई थी। इस बार मई और जून माह में नगर में अच्छी बारिश हुई है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश दर्ज होगी।
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एक दशक के आंकड़ों से समझें शहर की बारिश
- फोटो : अमर उजाला
बारिश का सिस्टम बन रहा : मौसम विभाग
भोपाल के मौसम विभाग के अनुसार मानसून की गतिविधियां इंदौर के क्षेत्र पर लगातार बनी हुई हैं, लेकिन कम दवाब का क्षेत्र और चक्रवात से बारिश नहीं हो रही है। आगामी एक दो दिनों में नगर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। बारिश का सिस्टम बन रहा है, यह अच्छी बारिश होने का सूचक है।
इसलिए रोड़ा है चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार कम दबाव का या निम्न दबाव का वह क्षेत्र होता है, जहां वायुमंडल में हवा का दबाव आसपास के क्षेत्र में कम हो जाता है और नव हवाएं निम्न दबाव के क्षेत्र में प्रवेश करती हैं। इससे बादल सक्रिय होते हैं जो वर्षा का कारण बनते हैं, लेकिन चक्रवात इस प्रणाली को सक्रिय नहीं होने देता है, जिससे बारिश नहीं हो पाती है।