प्रवासी भारतीय सम्मेलन के चलते विदेशी महिलाएं इंदौर में अनजान लोगों के घर रुक रही हैं। वहीं इंदौरी भी अपने सेवा सत्कार से इनका दिल जीत रहे हैं। सम्मेलन में सरकार ने इंदौर के लोगों से विदेशियों को अपने घर रुकवाने का निवेदन किया था जिसके बाद बड़ी संख्या में इंदौर के लोगों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया। पोर्टल के माध्यम से विदेशी लोग इंदौर में उन लोगों के यहां रुके जिन्हें उन्होंने पहले कभी देखा तक नहीं था।
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पोर्टल के माध्यम से विदेशी लोग इंदौर में उन लोगों के यहां रुके
- फोटो : amar ujala
डॉक्टर रीना जौहर कैलिफोर्निया में डॉक्टर हैं और 15 साल से वहीं पर रह रही हैं। वे वकील भी हैं। वे अपनी माता गुलशन जौहर के साथ इंदौर में डॉक्टर आशिष अग्रवाल के यहां रुकी हैं। आशिष ने उन्हें मांडू, महेश्वर, राजबाड़ा जैसी कई जगह घुमाई हैं।
वे अपनी माता गुलशन जौहर के साथ इंदौर में डॉक्टर आशिष अग्रवाल के यहां रुकी हैं।
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पोहा, सरसों का साग भाया
रीना और गुलशन ने कहा कि इंदौर में उन्होंने सड़क किनारे की दुकानों, होटलों और ढाबों में खाना खाया। उन्हें पोहा और मक्के की रोटी और सरसों का साग बेहद अच्छा लगा। दोनों ने कहा, हमने कभी नहीं सोचा था कि जिस इंसान को हमने देखा भी नहीं है वह घर हमें इतना प्यार देगा। दोनों ने कहा अकेले इंदौर आते तो कहीं नहीं घूम पाते। आशिष ने सब जगह घुमाई।