इंदौर में पिछले एक साल के अंदर दो लाख 80 हजार एसआईपी बढ़ी हैं। इसके साथ इंदौर में कुल 7 लाख 75 हजार एक्टिव एसआईपी हो चुकी हैं। इसी तरह म्यूचुअल फंड में भी निवेश तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब लोगों को निवेश का मतलब समझाना नहीं पड़ता। अपनी पहली तनख्वाह आते ही वह निवेश के लिए सही जगह तलाश लेते हैं। यह बातें इंदौर में हुए निवेश कार्यक्रमों के दौरान कहीं गईं। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के सेल्स मार्केटिंग एंड डिजिटल बिजनस के नेशनल हेड मनीष मेहता और बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ, निमेश चंदन अलग अलग निवेश कार्यक्रमों के सिलसिले में इंदौर आए। अमर उजाला से बातचीत में दोनों ने बताया कि निवेश के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। सभी आंकड़े इसी ओर स्पष्ट संकेत कर रहे हैं। दोनों ने कहा कि इंदौर जैसे शहरों में निवेश करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
इंदौर का बाजार आसमान छू रहा
मनीष मेहता ने बताया कि 31 दिसंबर 2023 तक इंदौर में 27,000 करोड़ से अधिक की इंडस्ट्री एयूएम थी और सक्रिय एसआईपी की संख्या 7,73,000 से अधिक हो गई। ये संख्याएं इस क्षेत्र में निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंडों और सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान्स (एसआईपी) की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत दे सकती हैं।
इंदौर आए निवेश बाजार के विशेषज्ञ।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
लोगों को मिले निवेश से जुड़े सामान्य प्रश्नों के उत्तर
1. कब निवेश शुरू करना चाहिए
उ. जितना जल्द हो सके निवेश शुरू कर सकते हैं। पहली तनख्वाह से निवेश करेंगे तो ज्यादा फायदा होगा।
2. कितने रुपए से निवेश शुरू कर सकते हैं
उ. 500 रुपए से भी म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं।
3. बाजार में कितना जोखिम है
उ. यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं जोखिम की संभावना कम रहती है।
4. एफडी या म्यूचुअल फंड में से क्या बेहतर है
उ. दोनों का अपना महत्व है, दोनों के अपने अलग अलग तरह के फायदे हैं।
5. जब बाजार गिरता है तब निवेश करना कितना फायदेमंद है
उ. यह एक भ्रांति है। निवेश के लिए लंबा समय लेना चाहिए। बाजार गिरता उठता रहता है। लंबे समय में ही फायदा अच्छा मिलने की संभावना रहती है।