इंदौर का बलराज होटल प्रशासन ने सील कर दिया है। एक दिन पहले कांवड़ियों के साथ मारपीट में होटल का नाम आया था। जांच में होटल का निर्माण भी अवैध पाया गया है।
विज्ञापन
1 of 3
होटल बलराज का नाम कांवड़ियों से मारपीट के मामले में आया था।
- फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर में एक दिन पहले कांवड़ियों के साथ मारपीट मामले में होटल बलराज का नाम सामने आया था। जांच में अब उस होटल का निर्माण अवैध पाया गया है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है।
बता दें कि इंदौर जिले के महू तहसील स्थित ग्राम गवालू में गत दिवस बलराज होटल के कर्मचारी और कावड़ियों के बीच हुई मारपीट के घटनाक्रम में कलेक्टर मनीष सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। टप्पा सिमरोल के अपर तहसीलदार ने बलराज होटल के संचालक मंजीत भाटिया (रिंकू भाटिया) पिता देवेन्द्र सिंह भाटिया को भूमि के स्वत्व संबंधी दस्तावेज और निर्माण संबंधी समस्त अनुमतियां प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया था।
विज्ञापन
2 of 3
प्रशासन ने होटल सील कर दी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रारंभिक जांच तथा संचालक मंजीत भाटिया (रिंकू भाटिया) द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर पाया गया है कि बलराज होटल में पंचायत द्वारा दी गई अनुमति से अधिक निर्माण कार्य किया गया है जो कि पूर्णतः अवैध एवं नियम विरुद्ध है। साथ ही बलराज होटल के निर्माण के लिए टीएनसीपी से किसी भी प्रकार की अनुमति प्राप्त नहीं की गई है, जो कि नियम विरुद्ध है। उक्त दोनों तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए बलराज होटल का निर्माण पूर्ण रूप से अवैध पाया गया है। इसके साथ ही जांच में यह भी पाया गया है कि होटल से जो कचरा निकलता है, उसमें गीला-सूखा कचरा निपटान की भी उचित व्यवस्था नहीं की गई है। होटल का कचरा पास की जमीनों पर एवं रोड पर फैला रहता है, जिससे ग्राम में संकमण का खतरा फैल रहा है जो कि वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन है।
इंदौर में कांवड़ियों की पीटने का वीडियो वायरल हो रहा था।
- फोटो : सोशल मीडिया
उल्लेखनीय है कि गत दिवस हुए घटनाक्रम में कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा घायल कावड़ यात्रियों को पूरे घटनाक्रम की जांच उपरांत आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा होटल बलराज को सील करने की कार्रवाई भी की गई थी।