इंदौर सांसद शंकर लालवानी
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आपके पांच साल के कार्यकाल में इंदौर ने क्या पाया?
शंकर लालवानीः कोविड का कालखंड छोड़ दें तो इंदौर में विकास के काम लगातार हुए हैं। जब मैं सांसद बना था, तो मैं यही सोचता था कि शहर आगे कैसे बढ़े? मैंने अपने कार्यकाल में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस किया। रेल, सड़क और एयर कनेक्टिविटी के मामले में काफी काम इंदौर में हुए हैं। इंदौर और आसपास सड़कों के साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये के काम चल रहे है।
दो साल में जब यह काम पूरे हो जाएंगे, तो इंदौर देश के कई हिस्सों से जुड़ जाएगा। इंदौर से हरदा, नागपुर से सीधे कोलकता तक सड़क कनेक्ट हो रही है। अहमदाबाद और कांडला से जुड़ जाएंगे। इंदौर कांडला और कोलकता से सीधे जुड़ जाएगा। एबी रोड के अलावा इंदौर से झालावाड़, कोटा, जयपुर होते हुए दिल्ली की नई कनेक्टिविटी जुड़ेगी। इंदौर से हैदराबाद जाने में अभी 18 से 20 घंटे लगते हैं, लेकिन इंदौर से खंडवा, बुरहानपुर से हैदराबाद की कनेक्टिविटी भी रहेगी। इन सभी मार्गों के निर्माण कार्य जारी है। इंदौर देश के मध्य हिस्से में है। इन प्रोजेक्ट्स से इंदौर में निवेश बढ़ेगा। लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
रेलवे परियोजनाएं धीमी गति से चल रही है। काम कब तक पूरे होंगे?
शंकर लालवानीः रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के काम चल रहे हैं। इंदौर-दाहोद और इंदौर-खंडवा रेललाइन पर फोकस है। यह काम दो साल में पूरे हो जाएंगे तो रेलवे के नक्शे पर इंदौर की अहमियत बढ़ जाएगी। नॉर्थ और साउथ की तरफ ट्रेनें भोपाल-खंडवा से घूमकर जाती है। इंदौर के प्रोजेक्ट्स के कारण रेलवे का रुट नॉर्थ और साउथ के लिए 200 किलोमीटर छोटा हो जाएगा। इंदौर से उज्जैन के बीच अमृत शटल ट्रेन चलेगी।