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Indore: अच्छा सर्जन बनने के लिए पढ़ाई काफी नहीं, युवा डॉक्टर रिसर्च, तकनीक और डायग्नोसिस का लगातार अभ्यास करें

Sun, 01 Oct 2023 08:29 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में एसोसिएशन ऑफ कोलन एंड रेक्टल सर्जन्स ऑफ इंडिया की तीन दिवसीय 46वीं एनुअल नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन हुआ, अंतिम दिन बड़ी आंत की दुर्लभ बीमारियों के रिसर्च पेपर्स को समर्पित रहा 
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INDORE NEWS - फोटो : प्रजेंटेशन को देखते एलजी व अन्य अधिकारी।
इंदौर में एसोसिएशन ऑफ कोलन एंड रेक्टल सर्जन्स ऑफ इंडिया की तीन दिवसीय 46वीं एनुअल नेशनल कांफ्रेंस ACRSICON 2023 आयोजित की गई। इसके तीसरे और अंतिम दिन बड़ी आंत की दुर्लभ बीमारियों पर चर्चा हुई। इसमें रिसर्च पेपर्स पढ़े गए, ग्रुप डिस्कशन हुए और पोस्टर प्रजेंटेशन सेशन का आयोजन हुआ। इस कांफ्रेंस का आयोजन इंदौर की जीआई प्रोक्टो सर्जन सोसाइटी द्वारा एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (एएसआई) इंदौर सिटी चैप्टर के सहयोग से हो रहा है। कांफ्रेंस के तीसरे दिन रेयर जीआईएसटी केस, कॉम्प्लेक्स फिस्टुला, ट्यूबरक्यूलस एनल फिस्टुला पर चर्चा हुई।
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INDORE NEWS - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. अशोक लड्ढा ने कहा कि कान्फ्रेंन्स में 600 से ज्यादा कोलन और रेक्टल सर्जरी के अनुभवी और कुशल सर्जन्स मौजूद रहे। ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी, लैपरोस्कोपिक एवं गैस्ट्रोइन्टेस्टिनल सर्जन डॉ. सी. पी. कोठारी के अनुसार किसी भी कॉन्फ्रेंस का अंतिम लक्ष्य रोगियों को बेहतर इलाज और देखभाल प्रदान करना है। इसके लिए नई जानकारी, तकनीक और प्रौद्योगिकियों के साथ हमारे प्रोफेशनल सर्जन्स को सशक्त बनाना होता है और यह कॉन्फ्रेंस इन सभी पैमानों पर खरी उतरी है। ऑर्गेनाइजिंग ट्रेजरर, लैपरोस्कोपिक, कोलोरेक्टल एवं जनरल सर्जन डॉ. प्रणव मंडोवरा ने कहा कि एक कुशल सर्जन अपना सिर्फ पढ़ाई से ज्ञान नहीं अर्जित कर सकता, इसके लिए लैटस्ट ऐड्वान्स्मेन्ट, रिसर्च, डायग्नोसिस और स्किल के अभ्यास की आवश्यकता होती है। ऑर्गेनाइजिंग जॉइन्ट सेक्रेटरी, लैपरोस्कोपिक एवं कोलोरेक्टल सर्जन डॉ अक्षय शर्मा ने कहा कि उम्मीद है कि नई तकनीकों और प्रैक्टिस के बारे में सीखने – सिखाने के सेशन से प्रतिभागी नए दिशानिर्देशों को अपनाकर, एक दूसरे को सहयोग कर  रिसर्च प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकें।
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