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इंदौर अग्निकांड: पांच साल पहले हुई थी शादी, एक साथ उठी अर्थी, देखने वाले भी रो दिए, जुबां से निकला हे भगवान ये क्या हो गया

Sat, 07 May 2022 06:10 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

स्वर्णबाग कॉलोनी की इमारत में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी भी शामिल हैं। शनिवार दोपहर को पति-पत्नी के शव घर लाए गए जहां एक साथ दोनों की अर्थी उठी। बड़ी संख्या में लोग जुटे और सबकी आंखें भर आईं। 
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मृतक ईश्वर व नीतू सिसौदिया - फोटो : सोशल मीडिया
आग की लपटों जलने वाली जिंदगियों की दास्तां अब सबकी जुबां पर है। उस दर्दनाक मंजर की कल्पना करके लोग सिहर उठते हैं। हर कोई मन में सोचता है कि कैसे लपटों और धुओं के बीच जिंदगियों ने संघर्ष किया होगा। कैसे जान बचाने के लिए लोग छतों से कूदे होंगे। कैसे गहरी नींद में सोए लोगों को भागने का मौका नहीं मिला होगा। इस घटना ने लोगों की रूह कंपा दी।
 
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एक साथ निकली पति-पत्नी की शव यात्रा - फोटो : सोशल मीडिया
सिसौदिया दंपति की मौत के बाद उनका शव दोपहर में घर लाया गया। यहां दोनों की शवयात्रा एक साथ निकाली गई। ईश्वर और नीतू का विवाह पांच साल पहले हुआ था। ईश्वर सुपरवाइजर का काम करता था। पति-पत्नी का सपना था कि खुद का घर हो, जिसके लिए कोशिश भी की और खुद का मकान बनवाने में जुट गए। मकान बनने तक दोनों बिल्डिंग में फ्लैट लेकर किराए से रहने लगे लेकिन शुक्रवार रात को लगी आग में दोनों के सपने भी जल गए और साथ जीने की कसमें खाने वाले एक साथ ही दुनिया को छोड़ गए। शनिवार को एक साथ दोनों की अर्थी उठी। इसमें क्षेत्र के लोग शामिल हुए। हर कोई गमगीन नजर आया। 
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जब शवयात्रा निकली तो लोगों की आंखें भर आईं - फोटो : सोशल मीडिया
स्वर्णबाग कॉलोनी स्थित इमारत में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई। इनमें दो महिला व पांच पुरुष शामिल हैं। एक दंपति ईश्वर और नीतू जिनका खुद का घर कुछ दिन में तैयार होने वाला था वे भी इस घटना में काल के गाल में समा गए। कॉल सेंटर में नौकरी करने वाले और व्यापार करने वाले युवा भी काल कवलित हुए। जो जैसे-तैसे बच गए हैं वे अब अस्पताल में भर्ती है क्योंकि जान बचाने के लिए उन्होंने जान को खतरे में डाला। अंधेरे में ऊंचाई से कूदे जिस कारण किसी का पैर टूटा तो किसी की कमर की हड्डी में तकलीफ हुई। कुछ ऐसे हैं जिनका धुएं की वजह से दम घुट और अब  वे ऑक्सीजन पर है। शहर में दिनभर इसी घटना की चर्चा होती रही।
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यह है वह मकान जहां लगी थी आग - फोटो : सोशल मीडिया
तीन का दम घुटा, चार जिंदा जले
अब तक की जांच में यह पता चला है कि हादसे में तीन की मौत दम घुटने से हुई है जबकि चार जिंदा जल गए। ईश्वर, नीतू और गौरव की मौत दम घुटने से हुई  वहीं आकांक्षा, आशीष और दो अन्य पूरी तरह से जल चुके हैं। बताया जा रहा है कि मृतक गौरव (27) सिटी बस डिपो में सुपरवाइजर था। शुक्रवार रात 10 बजे  वह ड्यूटी करके घर लौटा था। गौरव मूल रूप से बैतूल के काला पाठा का निवासी है। 
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