बच्चे को ईंट भट्टे से बरामद कर लिया गया
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रोते बालक को ई रिक्शा वाले ने देखा
बंशीपुरा गांव में शिवाय एक जगह पर खड़ा था। वह रो रहा था। तभी वहां से एक टमटम (ई-रिक्शा) वाला निकला। उसने बच्चे को रोते हुए देखा। जब उसने बच्चे को गौर से देखा तो पहचान लिया कि यह तो ग्वालियर से अपहरण किया हुआ बच्चा ही है। उसने बच्चे को काजीबसई गांव के सरपंच को सौंप दिया। सरपंच ने बच्चे के माता-पिता से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची।
मुख्यमंत्री ने की पुलिस की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुबह घटना होते ही ग्वालियर पुलिस ने बेहद तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। सर्चिंग अभियान चलाया और पुलिस की मुस्तैदी से बच्चा मिल गया है। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती है। मध्य प्रदेश की धरती पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।