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Madhya Pradesh: धार में लहसुन की बोरियां नदी में फेंकी, लागत भी नहीं निकलने से किसान हताश, कमलनाथ ने उठाए सवाल

Wed, 24 Aug 2022 04:34 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार में किसानों ने लहसुन से भरी आयशर नदी में खाली कर दी। भाव नहीं मिल पाने से गुस्साए किसानों ने बोरियां कि बोरियां नदी में फेंक दी। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। कमलनाथ ने भी किसानों को फसल के भाव नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। 
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भाव नहीं मिलने से किसानों ने लहसुन नदी में फेंक दिए। - फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के धार जिले में लहसुन उत्पादक किसान परेशान हैं। लागत भी नहीं निकल पाने से किसान अब अपनी लहसुन फेंकने लगे हैं। इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इसे लेकर सवाल उठाए हैं।

जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो धार जिले के बदनावर तहसील के ग्राम नागदा का बताया जा रहा है। इसमें नजर आ रहा है कि कुछ किसान अपनी पीड़ा बताते हुए इलाके की चामला नदी में लहसुन की बोरियां फेंकते नजर आ रहे हैं। ग्राम गोपालखेडी के किसान कमल, कृष्णा सांखला और गणेश पवार ने बताया कि वे 40 कट्टे लहसुन बिक्री के लिए इंदौर ले गए थे, लेकिन मालभाड़ा सहित 1800 का नुकसान हो गया। इससे गुस्साए किसानों ने पूरी आयशर भरी 40 कट्टे लहसुन चामला नदी में फेंक दिए। 
 
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बदनावर के किसानों का वीडियो वायरल हो रहा है। - फोटो : वीडियो ग्रैब
किसानों ने बताया कि लहसुन की क्वालिटी अच्छी होने के बाद भी कोई खरीदार नहीं मिल रहे। सभी चीजों के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं, पर किसानों की फसल आज भी उसी कीमत पर खरीदी जा रही है। उत्पादन ज्यादा होने पर फैक्टरी को फायदा होता है, वहीं किसानी में ज्यादा उत्पादन होने पर किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। 
 
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किसानों का कहना है कि लहसुन का क्वालिटी भी अच्छी है, पर भाव नहीं मिल रहे। - फोटो : सोशल मीडिया
इधर इस वायरल वीडियो पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार में यह है किसानों की स्थिति और किसानों की आय दोगुनी करने के दावे का सच। किसान को उसकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है और वो निरंतर कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। कमलनाथ ने कहा कि लहसुन एक रुपये से भी कम में बिक रहा है, घाटे के कारण किसान इसे कभी आग के हवाले कर रहे हैं और कभी नदी में बहा रहे हैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी तो नहीं हुई, लेकिन उत्पादन लागत ज़रूर दोगुनी हो गई है। खेती घाटे का धंधा बनती जा रही है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल आवश्यक निर्णय लेकर किसानों को राहत प्रदान की जाए।

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