दमोह में अनोखा मामला सामने आया है। 14 साल पहले लापता महिला की तेरहवीं उसके परिजनों ने यह सोचकर कर दी थी कि वह अब जीवित नहीं है। अचानक से उसके जीवित होने की जानकारी मिलने पर परिजन खुश होने से ज्यादा हैरान हो गए। इस बात पर भरोसा करना मुश्किल हो गया लेकिन जब महिला को जीवित देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दमोह की इमलिया पुलिस की मदद से वह वृद्ध महिला अपने घर आ सकी।
दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र के गैलपुरा गांव निवासी 60 वर्षीय महिला कमलरानी पति चंदू ठाकुर की 14 वर्ष पहले मानसिक हालत ठीक नहीं थी। वह अचानक लापता हो गई थीं। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। कोरोना की लहर के समय परिजनों ने उसे मृत समझकर आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं कार्यक्रम कर दिया। हालांकि, महिला जीवित थी और गुजरात के आश्रम में रह रही थी।