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ये भी गजब है: अपने मालिक पर हमला होते देख चोरों से भिड़ गया भैंसा, उसने जो किया वो जानकर चौंक जाएंगे आप

Fri, 04 Oct 2024 04:15 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

मध्य प्रदेश के दमोह से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मालिक के प्रति वफादारी का ये किस्सा आपको भी रोमांचित कर देगा। एक भैंसे ने अपने मालिक पर चोरों का हमला होता देख आपा खो दिया और उसने चोरों पर हमला कर दिया और उन्हें उल्टे पैर भागने पर मजबूर कर दिया। 
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अपने मालिक को बचाने चोरों से भिड़ गया भैंसा - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के दमोह से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मालिक के प्रति वफादारी का ये किस्सा आपको भी रोमांचित कर देगा। एक भैंसे ने अपने मालिक पर चोरों का हमला होता देख आपा खो दिया और उसने चोरों पर हमला कर दिया और उन्हें उल्टे पैर भागने पर मजबूर कर दिया। 

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के हरदुआ गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक भैंसे ने अपने मालिक की जान बदमाशों से बचाई है। यहां कुछ चोरों ने एक वृद्ध पर भैंस चोरी करने की नीयत से हमला किया। मालिक के चिल्लाते ही जब उसके भैंसे ने यह घटना देखी तो उसने चोरों पर हमला बोल दिया उसके बाद अन्य भैंसे भी चोरों को खदेड़ने पहुंच गईं और इस तरह मालिक की जान बच गई। यह बात सुनने में अजीब जरूर लगे, लेकिन यह सच्चाई है। 

दमोह जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर का ये मामला है। घटना करीब चार दिन पुरानी है। तेंदुखेड़ा थाने अंतर्गत धनेटा हरदुआ गांव निवासी 75 वर्षीय राजाराम यादव रात के समय अपनी आठ भैंस और एक पाड़े को पहाड़ पर चराने लेकर गए थे। उसी समय करीब छह अज्ञात बदमाशों ने
भैंस चुराने की नीयत से पहले बुजुर्ग राजाराम पर हमला कर दिया। आरोपी चाकू मारने वाले थे, उन्होंने बुजुर्ग को धक्का दे दिया जिससे बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़ा और अपने आपको बचाने के लिए चिल्लाने लगा। मालिक के चिल्लाने और जमीन पर गिरा देख घांस चार रहे पाड़े ने चोरों पर सींग और पैर से हमला कर दिया और जोर से आवाज लगाने लगा। इसकी आवाज सुन आसपास चर रही भैंसें भी वहां पहुंच गईं और सभी ने चोरों पर हमला कर दिया। इसके बाद भैंस चोर मौके से भागने मजबूर हो गए और बाद में बुजुर्ग घायल अवस्था में घर पहुंचे। मालिका को बचाने वाले पाड़े का बुजुर्ग भी खास ख्याल रखते हैं। वे उसे मुर्रा नाम से बुलाते हैं, आठ साथ से वह उनके साथ है। 

 
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पहाड़ों पर चरने वाली भैंसों को अक्सर चोरी कर लिया जाता है। - फोटो : अमर उजाला
दूध का है व्यवसाय
राजाराम यादव का व्यवसाय खेती और दूध का व्यापार है। इसलिए वह दिन में काम करते हैं और प्रतिदिन रात्रि में भैंसों को चराने पहाड़ चले जाते हैं। उन्होंने बताया वह हरदुआ के आगे वन विभाग की नर्सरी के समीप अपनी आठ नग भैंस और एक पाड़ा को चराने ले गए थे। उसी समय यह हादसा हुआ। राजाराम यादव घटना के तीन दिन तक सदमे में रहे। झुमाझपटी के दौरान उनको कुछ चोटें भी आई थीं जो इलाज के बाद ठीक हुई है। अब वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। 

थाने में नहीं की शिकायत
राजाराम यादव ने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी है, क्योंकि वह रात के अंधेरे में बदमाशों को नहीं देख पाए और भय के कारण ये पूरी बात खुद और गांव तक ही सीमित रह गई। ग्रामीण कमल यादव, सोनू यादव, बल्लू यादव ने बताया कि चोर गांव के जंगल में घूमते रहते हैं। उनका उदेश्य भैंसों की चोरी करना है। पुलिस थाना उनके गांव से 20 से 25 किलोमीटर दूर है और सबूत न होने के कारण पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती।

तेंदूखेड़ा थाना टीआई विजय अहिरवार का कहना है ऐसे किसी मामले की सूचना थाने में नहीं आई है। वह ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से अपील करते हैं कि यदि ऐसी कोई घटना को अंजाम देने वाले संदेही लोग दिखते हैं तो उसकी सूचना थाने में दें, तत्काल मदद के लिए डायल 100 भी लगा सकते हैं।

 
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