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Chhindwara News: पत्नी की चाहत पूरी करने भिखारी ने खरीदी मोपेड, 4 साल में 90 हजार रुपये जोड़कर दिया गिफ्ट

Tue, 24 May 2022 02:46 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा अजब-गजब भिखारियों के लिए प्रसिद्धि पा रहा है। पहले एक भिखारी ने बार कोड से भीख मांगकर चौंकाया था। अब एक भिखारी ने अपनी पत्नी की चाहत पूरी करने चार साल में 90 हजार रुपये जोड़कर मोपेड खरीदी है।  
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छिंदवाड़ा के भिखारी संतोष साहू ने पत्नी की दिक्कतों को कम करने यह मोपेड खरीदी है। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में प्यार की एक अनूठी कहानी सामने आई है। भिखारी ने चार साल में 90 हजार रुपये जोड़े और मोपेड खरीदी। पहले उसके पास एक ट्राइसिकल थी, जिसे धक्का लगाने में पत्नी को परेशानी होती थी। उसकी परेशानी दूर करने के लिए भिखारी ने चार साल में 90 हजार रुपये जोड़े। शनिवार को नगद पैसों से मोपेड खरीदी। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। 

छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में रहने वाले संतोष साहू दोनों पैरों से दिव्यांग है। वह और उनकी पत्नी मुन्नी सड़कों पर भीख मांगते हैं। छिंदवाड़ा बस स्टैंड पर रोजाना दोनों भीख मांगकर गुजारा करते हैं। पहले संतोष ट्राइसिकल चलाते थे, जिसे मुन्नी को धक्का लगाना पड़ता था। मंदिर और दरगाह तक जाकर भीख मांगते थे। संतोष के मुताबिक भीख में उन्हें रोज 300 से 400 रुपये मिल जाते हैं। दोनों वक्त का खाना भी लोगों से ही मिल जाता है। अब हम मोपेड से इंदौर-भोपाल जाकर भी भीख मांग सकते हैं। पहले छिंदवाड़ा के मंदिर-मस्जिद जाने में भी दिक्कत होती थी। 



 
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छिंदवाड़ा के संतोष साहू ने चार साल में 90 हजार रुपये जोड़कर यह मोपेड खरीदी है। - फोटो : अमर उजाला
घाट वाले रास्तों पर आती थी परेशानी
छिंदवाड़ा के घाट वाले रास्तों पर संतोष ट्राइसिकल नहीं चढ़ा पाता था। पत्नी मुन्नी ट्राइसिकल को धक्का लगाती थी। संतोष को यह बात अच्छी नहीं लगती थी। इस पर पत्नी ने ही मोपेड खरीदने को कहा था। चार साल पहले संतोष ने मोपेड खरीदने का मन बनाया। धीरे-धीरे रुपये जुटाना शुरू किए। इस तरह उन्होंने 90 हजार रुपये जुटा लिए।  
 
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छिंदवाड़ा के इस भिखारी ने बार कोड लेकर सुर्खियां बटोरी थी। - फोटो : सोशल मीडिया
छिंदवाड़ा का डिजिटल भिखारी भी बटोर चुका है सुर्खियां  
इससे पहले छिंदवाड़ा का एक डिजिटल भिखारी हेमंत सुर्यवंशी भी सुर्खियों में आया था। नगर पालिका का कर्मचारी नौकरी छूटने पर भीख मांगता था। छुट्टे न होने का बहाना बनाने वालों से भीख लेने के लिए उसने बारकोड लिया था। अब लोगों से भीख लेकर दोपहिया वाहन खरीदने वाले भिखारी दंपती सुर्खियों में है। 
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