पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
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शास्त्री दे रहे एकता का मंत्र
मोदी ने कहा कि मेरे छोटे भाई धीरेंद्र शास्त्री काफी समय से एकता के मंत्र को देकर लोगों को जागरूक करते रहते हैं। अब उन्होंने समाज और मानवता के हित में एक और संकल्प लिया है। इस कैंसर संस्थान के निर्माण की जिम्मेदारी। यानी अब यहां बागेश्वर धाम में भजन, भोजन और निरोगी जीवन तीनों का आशीर्वाद मिलेगा। मोदी ने कहा कि साथियों हमारे मंदिर, हमारे मठ, हमारे धाम ये एक ओर पूजन और साधना के केंद्र रहे हैं तो दूसरी ओर विज्ञान और सामाजिक चिंतन, सामाजिक चेतना के भी केंद्र रहे हैं। हमारे ऋषियों ने ही हमें आयुर्वेद का विज्ञान दिया, योग का विज्ञान दिया, जिसका परचम पूरी दुनिया में लहरा रहा है। हमारी तो मान्यता ही है कि परहित सरिस धर्म नहीं भाई। अर्थात दूसरों की सेवा ही धर्म है। इसलिए नर में नारायण, जीव मे शिव, इस भाव से जीवमात्र का सेवा, यही हमारी परंपरा रही है।
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महाकुंभ एकता के महाकुंभ के रूप से प्रेरणा देता रहेगा
आजकल हम देख रहे हैं, महाकुंभ की हर तरफ चर्चा हो रही है। महाकुंभ अब पूर्णता की ओर है। अब तक करोड़ों लोग वहां पहुंच चुके हैं। करोड़ों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है। संतों के दर्शन किए हैं। अगर इस महाकुंभ की तरफ नजर करें तो सहज भाव उठ जाता है ये एकता का महाकुंभ है। आने वाली सदियों तक 144 वर्ष के बाद हुआ ये महाकुंभ एकता के महाकुंभ के रूप से प्रेरणा देता रहेगा और देश की एकता को मजबूती देने का अमृत परोसता रहेगा। लोग सेवाभाव से लगे हैं, जो भी कुंभ में गया है, एकता के दर्शन तो किए हैं, लेकिन जिन-जिनसे मेरा मिलना हुआ है, दो बातें महाकुंभ में गए हुए हर व्यक्ति के मुंह से हिंदुस्तान के कोने-कोने से सुन रहा हूं। एक स्वच्छता कर्मियों के गुणगान कर रहे हैं। चौबीसों घंटे जिस सेवाभाव में एकता के महाकुंभ में स्वच्छता कार्य को संभाल रहे हैं, मैं उन सभी को आदरपूर्वक नमन करता हूं।