मंदिर परिसर में भीड़
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प्राकृतिक वातावरण से भरपूर
पहाड़ी के मध्य स्थित इस धाम में पहाड़ी सौंदर्य, हरे भरे वृक्ष, अज्ञात स्रोत से अनवरत प्रवाहित झरने, चट्टानों पर शैल चित्र, नैसर्गिक सौंदर्य, वन्य प्राणियों का स्वछंद विचरण, वानरों की उछल-कूद, पक्षियों का कलरव, घंटों की गूँज, मन्त्रों का उच्चारण, मुख्य मंदिर के पास स्थित कुंडों का गर्मियों में शीतल और शीत ऋतु में गर्म जल, इस स्थान को विशिष्टता प्रदान करता है। यहां ठहरने आदि के भी व्यापक इंतजाम हैं। यहाँ एक बार आने बाले लोग अक्सर आने के लिए लालायित रहते हैं।