आयुष और उसके परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आयुष की मां सरोज कुंडल बताती हैं कि वह बोल नहीं पाता है यहां तक कि अपनी मर्जी वह हाथ-पैर तक हिला/चला नहीं पता है। वह अपनी भूख- प्यास और दैनिक अन्य जरूरतों के लिए आंखों की भाषा का उपयोग करता है और आंखें चलाकर, पलक झपका कर करता है, जिसकी भाषा वह और उनकी बेटियां ही समझ पाती हैं।