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MP News: नौरादेही अभयारण्य को आबाद करने वाली राधा की कॉलर आईडी खराब, 11 बाघों की पगमार्क से हो रही निगरानी

Tue, 13 Dec 2022 03:40 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

मध्यप्रदेश के नौरादेही अभयारण्य को जल्द ही टाइगर रिजर्व का स्टेटस मिलने वाला है। इस अभयारण्य में 12 बाघ हैं, जिनमें से अभयारण्य को आबाद करने वाली बाघिन राधा की कॉलर आईडी खराब हो गई है।
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नौरादेही नेशनल पार्क में मौजूद बाघ (फाइल फोटो)। - फोटो : सोशल मीडिया
दमोह, सागर और नरसिंहपुर में फैले मध्यप्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही अभयारण्य को जल्द ही टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने वाला है। यहां वर्तमान में बारह बाघों की दहाड़ सुनाई दे रही है। इसमें से 11 बाघों की निगरानी पगमार्क और कैमरे से की जा रही है। इस अभयारण्य को आबाद करने वाली बाघिन राधा की कॉलर आईडी खराब हो गई है। बाघ किशन को ही अब कॉलर आईडी लगी है।

इस अभयारण्य की जलवायु बाघों के लिए पूरी तरह से माकूल है। इसी का परिणाम है कि महज चार साल में बाघों का कुनबा दो से 12 तक पहुंच चुका है। इसमें 11 बाघ एक ही परिवार के सदस्य हैं। एक बाघ उपहार के रूप में नौरादेही को मिला था जो पन्ना टाइगर रिजर्व से चलते हुए नौरादेही हुंचा था। नौरादेही के एसडीओ सेवाराम मालिक ने बताया कि सभी शावक और वयस्क बाघ स्वस्थ हैं।  बाघिन एन2 यानी राधा की कॉलर आईडी खराब है। उसकी निगरानी भी पगमार्क से हो रही है। दूसरे जंगल से आए बाघ को भी अक्सर देखा जाता है। कभी अकेला तो कभी दूसरे बाघ के साथ,  नन्हे शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिनकी पगमार्क से जानकारी एकत्रित होती हैं। 
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नौरादेही अभयारण्य को जल्द ही टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। - फोटो : सोशल मीडिया
इस अभयारण में छह वयस्क बाघ हैं, छह शावक
नौरादेही में छह वयस्क बाघ हैं और छह शावक। यह सभी स्वस्थ हैं। अब तो शावक भी जंगल में घूमते दिखाई देने लगे हैं। वे हमेशा अपनी मां के साथ रहते हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व से आए बाघ की बात करें तो भले ही उसने अपना ठिकाना अलग बना रखा है, ट्रैकिंग कैमरों में यह बाघ एक अन्य बाघ किशन के साथ अक्सर घूमता दिखा है। राधा ने इस बाघ को अपने परिवार का सदस्य बना लिया है। बाघिन राधा की दूसरी बेटी एन12 अपने शावकों के साथ दिखाई देती है। इसकी पुष्टि नौरादेही के अधिकारियों ने की है।
 
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नौरादेही अभयारण्य में मिले बाघ के पगमार्क। - फोटो : सोशल मीडिया
सैलानियों को दिखे नन्हे शावक
नोरादेही अभयारण में इस समय छह शावक हैं, जो एक वर्ष के हो चुके हैं। तेज ठंड के कारण धूप की तलाश में यह शावक गुफा से बाहर दिखाई देने लगे हैं। कुछ समय पूर्व अभयारण में सैलानियों को यह शावक दिखाई दिए थे, जिन्हें उन्होंने अपने कैमरों में कैद किया था। ज्यादातर समय ये अपनी मां के साथ दिखाई देते है। बाघिन राधा ने दूसरी बार में चार शावकों को जन्म दिया था। उसके कुछ समय बाद राधा की बेटी ने भी दो शावकों को जन्म दिया, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं और अब अभयारण की शोभा बढ़ा रहे हैं। नौरादेही में दूसरी और तीसरी पीढ़ी साथ-साथ बढ़ रही है।

राधा की कॉलर आईडी हुई खराब
नौरादेही में बाघों का कुनबा बढ़ाने का श्रेय बाघिन राधा को है, जिसे पन्ना टाइगर रिजर्व से लाया गया था। राधा के माता-पिता की मौत हो जाने के बाद यह अनाथ हो गई थी। उसके बाद इसे नौरादेही अभयारण्य लाकर छोड़ा गया था। राधा के आने के कुछ समय बाद बाघ किशन को नौरादेही लाया गया था। नौरादेही में जो 11 बाघ हैं, यह उनका ही परिवार है। वर्तमान मे नौरादेही अभयारण में केवल बाघ की लोकेशन कॉलर आईडी से ली जा रही है। शेष वयस्क बाघों, बाघन और शावकों की निगरानी उनके पगमार्क के साथ ट्रैकिंग कैमरों से होती है।
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