दमोह, सागर और नरसिंहपुर में फैले मध्यप्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही अभयारण्य को जल्द ही टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने वाला है। यहां वर्तमान में बारह बाघों की दहाड़ सुनाई दे रही है। इसमें से 11 बाघों की निगरानी पगमार्क और कैमरे से की जा रही है। इस अभयारण्य को आबाद करने वाली बाघिन राधा की कॉलर आईडी खराब हो गई है। बाघ किशन को ही अब कॉलर आईडी लगी है।
इस अभयारण्य की जलवायु बाघों के लिए पूरी तरह से माकूल है। इसी का परिणाम है कि महज चार साल में बाघों का कुनबा दो से 12 तक पहुंच चुका है। इसमें 11 बाघ एक ही परिवार के सदस्य हैं। एक बाघ उपहार के रूप में नौरादेही को मिला था जो पन्ना टाइगर रिजर्व से चलते हुए नौरादेही हुंचा था। नौरादेही के एसडीओ सेवाराम मालिक ने बताया कि सभी शावक और वयस्क बाघ स्वस्थ हैं। बाघिन एन2 यानी राधा की कॉलर आईडी खराब है। उसकी निगरानी भी पगमार्क से हो रही है। दूसरे जंगल से आए बाघ को भी अक्सर देखा जाता है। कभी अकेला तो कभी दूसरे बाघ के साथ, नन्हे शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिनकी पगमार्क से जानकारी एकत्रित होती हैं।