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विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव: CM डॉ.यादव बोले-भाषा और संस्कृति एक-दूसरे की पूरक

Fri, 28 Nov 2025 07:16 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

 भोपाल में विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव में डॉ. मोहन यादव ने भाषा और संस्कृति को एक-दूसरे का पूरक बताया। देश-विदेश से आए साहित्यकारों और कलाकारों के बीच उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी पहचान और भारतीय संस्कृति की आत्मा है। 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
भोपाल में शुक्रवार को ‘विश्वरंग–2025 टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव’ को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबेाधित किया। रवींद्र भवन में कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि  कि भाषा और संस्कृति एक-दूसरे की सहज पूरक हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति भाषा को कथा-बीज देती है, जिससे साहित्य जन्म लेता है, और भाषा संस्कृति को वह अभिव्यक्ति देती है, जिसकी बदौलत परंपराएं पीढ़ियों तक सुरक्षित रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य का असली रंग राग और आनंद ही है। उन्होंने हिन्दी को लोक भाषा बताते हुए कहा कि हिन्दी हमारे माथे की बिंदी है। भारत की संस्कृति सदैव “जियो और जीने दो” की भावना पर आधारित रही है। हमारी परंपराएं किसी पर अधिराज्य स्थापित करने की नहीं, बल्कि लोक-बंधुत्व और मानवता को बढ़ावा देने की रही हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति आज पूरे विश्व में सम्मान के साथ देखी जाती है। 

डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल अब भारतीय संस्कृति, भाषा चेतना और वैश्विक साहित्यिक संवाद का प्रमुख केंद्र बन गया है। विश्वरंग में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। महोत्सव के दौरान विभिन्न सत्र, कविता पाठ, कला प्रदर्शनी, पैनल चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को विश्वरंग का कैटलॉग, हिन्दी मार्गदर्शिका और पुस्तकें भेंट की गईं। 

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
साहित्यकार साधक की तरह समाज को दिशा देता है 
उन्होंने कहा कि साहित्य दीर्घ साधना है और साहित्यकार एक प्रयोगधर्मी साधक की तरह समाज को दिशा देता है। विश्वरंग जैसे आयोजन नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और सृजनशीलता को बढ़ावा देते हैं। मुख्यमंत्री ने रवीन्द्रनाथ टैगोर की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी वैश्विक दृष्टि आज भी दुनिया में सौहार्द और मानवता का संदेश देती है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों को सम्मानित किया - फोटो : अमर उजाला
भारत ने जियो और जीने दो का संदेश दिया 
सीएम ने कहा कि भारत ने कोविड काल में दुनिया को बंधुत्व का संदेश दिया और कई देशों को दवाएं भेजकर “जियो और जीने दो” की भावना को निभाया। उन्होंने बताया कि एक अफ्रीकी देश के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए सार्वजनिक रूप से उनके चरण स्पर्श किए थे।

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16 देशाें की सहभागिता से शुरू हुआ विश्वरंग 
कार्यक्रम में विश्वरंग फाउंडेशन के संस्थापक और रवीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. संतोष चौबे ने बताया कि 2019 में 16 देशों की सहभागिता से शुरू हुआ विश्वरंग अब 70 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। यह सातवां आयोजन है, जिसमें 40 देशों के 70 से अधिक साहित्यकार, 1000 से अधिक अतिथि और 100 से अधिक हिंदी पुस्तकों का विमोचन शामिल है।

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1 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया 
उन्होंने कहा कि विश्वरंग में 80 से अधिक सत्र, 7 प्रमुख प्रदर्शनियां और अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम हो रहे हैं, जिनमें 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया है। डॉ. चौबे ने बताया कि अब मध्यप्रदेश सरकार भी इस आयोजन को अपने सहयोग से आगे बढ़ा रही है, जिससे यह महोत्सव वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा।
 
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