मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के साथ हुई। इस बीच विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभिभाषण में प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया गया, किन्तु प्रदेश की पीड़ित जनता की वास्तविक समस्याओं और पीड़ा को समुचित स्थान नहीं मिला। नेता प्रतिपक्ष ने इंदौर के भागीरथपुरा में हुई दर्दनाक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण 35 निर्दोष लोगों की जान चली गई। सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या उन परिवारों का दर्द, उनके आंसू और उनके सवाल इस सदन के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल इस मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाएगा और जिम्मेदारी तय करने की मांग करेगा। सिंघार ने कहा कि बजट केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होना चाहिए, बल्कि जमीनी हकीकत को सामने लाने का माध्यम होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की, ताकि जनता को वास्तविक आर्थिक स्थिति की पारदर्शी जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायकदल बजट में की गई घोषणाओं और उनकी जमीनी स्थिति के बीच के अंतर को आने वाले दिनों में सदन में उजागर करेगी। वहीं, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि श्वेत पत्र पारदर्शिता के लिए बहुत आवश्यक है। सरकार कर्ज लेकर कहां खर्च कर रही है।
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