मध्यप्रदेश में जनसेवा, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक मां अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती को ऐतिहासिक स्वरूप देते हुए राज्य सरकार ने विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन इंदौर के राजवाड़ा दरबार हॉल में किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में इंदौर में पहली बार आयोजित ये बैठक मां अहिल्या को समर्पित रही, जिसमें उनके आदर्शों, मूल्यों और प्रशासनिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
विज्ञापन
1 of 5
सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की विशेष बैठक मंगलवार को इंदौर के राजवाड़ा परिसर में आयोजित की गई। यह पहला मौका था जब कैबिनेट की बैठक इंदौर में हुई।
विज्ञापन
2 of 5
सीएम के सामने अहिल्या देवी की प्रतिमा रखी हुई
- फोटो : अमर उजाला
बैठक स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था। परिसर में मां अहिल्या देवी की प्रतिमा को स्थापित कर पुष्पों से श्रृंगारित किया गया। सभी मंत्रियों को भगवा गमछा पहनाकर बैठक में आमंत्रित किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक हो गया। सीएम के बगल में मां अहिल्या की मूर्ति रखी गई।
विज्ञापन
3 of 5
कैबिनेट बैठक में सीएम के साथ सभी मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत अहिल्या बाई को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि अहिल्या बाई होल्कर केवल एक महान प्रशासक ही नहीं, बल्कि नैतिकता, जनसेवा और सुशासन की प्रतीक हैं। आज का दिन हमारे लिए प्रेरणा लेने का अवसर है।”
4 of 5
सीएम की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
बैठक के दौरान मां अहिल्या बाई के शासन के आदर्शों, समाजसेवा, धार्मिक सहिष्णुता और महिला सशक्तिकरण के योगदान को रेखांकित किया गया। सरकार ने निर्णय लिया कि राज्य में विभिन्न स्थानों पर उनके नाम पर सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन पूरे वर्ष भर चलाए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में शामिल सभी मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
इस बैठक के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि मध्यप्रदेश की सरकार सुशासन के उन्हीं मूल्यों पर आगे बढ़ रही है, जो मां अहिल्या बाई होल्कर ने स्थापित किए थे।