साल 2025 मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक रहा। इंदौर-भोपाल मेट्रो की शुरुआत, नक्सलवाद का पूर्ण खात्मा, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, लाड़ली बहना योजना की राशि वृद्धि, पीएम मित्र पार्क, रेल-कोच निर्माण इकाई, नई रेल लाइनों की मंजूरी और टाइगर कॉरिडोर जैसी उपलब्धियों ने विकास को नई गति दी।
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मध्य प्रदेश के लिए 2025 काफी खास रहा
- फोटो : अमर उजाला
साल 2025 बीत रहा है। पर जाता हुआ ये साल कई मायनों में हमेशा याद रखा जाएगा। मध्य प्रदेश को इस साल ने कई सौगातें दी हैं। इन सौगातों की वजह से ये साल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। चाहें बात करें मप्र के इतिहास में पहली बार मेट्रो चलने की या दशकों से जख्म की तरह पल रहा नक्सलवाद के खत्म होने की। ये साल रेल यात्रियों के लिए भी खुशखबरी दे गया तो पुल-ब्रिज के रूप में सड़क से सफर करने वालों को भी खुश कर गया। इस ईयर एंडर में हम प्रदेश को मिली ऐसी ही कुछ सौगातों की बात करेंगे।
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Year Ender 2025 : इस साल इंदौर और भोपाल में मेट्रो चलने लगी।
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इंदौर और भोपाल मेट्रो सेवा का शुभारंभ
2025 मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मेट्रो की सौगात दे गया। पहले इंदौर में तो हाल ही में भोपाल के लोगों के लिए मेट्रो का सफर शुरू हो गया। मेट्रो प्रोजेक्ट की परिकल्पना 2009 में की गई थी। 2011 में डीपीआर बनाने के आदेश हुए और 2018 में पहला वर्क ऑर्डर हुआ। करीब आठ साल बाद भोपाल मेट्रो की सौगात जनता को मिली। जबकि एमपी मेट्रो कारपोरेशन ने भोपाल और इंदौर में एक साथ मेट्रो प्रोजेक्ट का काम शुरू किया, लेकिन यहां भी इंदौर ने पहले ही बाजी मारी। 31 मई 2025 को इंदौर में कमर्शियल रन शुरू कर दिया गया था।
जबकि साल जाते-जाते यानी 22 दिसंबर भोपालवासियों को मेट्रो की सुविधा मिल गई है।
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Year Ender 2025 : भोपाल में पहली बार 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था।
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से भोपाल में पहली बार आयोजन
इस साल की एक उपलब्धि ये रही कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था। इसका उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसका उद्देश्य उद्योगपति रिन्युएबल एनर्जी, आईटी एंड टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, माइनिंग, एमएसएमई एंड स्टार्टअप, अर्बन डेवलपमेंट आदि पर इन्वेस्टमेंट करने को लेकर था। इस इन्वेस्टर्स समिट में देश और दुनिया के दिग्गज उद्योगपति एक मंच पर इकट्ठा हुए थे।
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Year Ender 2025 : इस साल मध्य प्रदेश नक्सल से पूरी तरह मुक्त हो गया।
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मध्य प्रदेश से नक्सलवाद की जड़ें हुई खत्म
2025 की बड़ी बात ये भी है कि इस साल मध्य प्रदेश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया। 11 दिसंबर को आखिरी दो हार्डकोर नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए। 12 दिसंबर 2025 को राजधानी भोपाल में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश अब पूरी तरह से नक्सल फ्री हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से माओवाद के समूल नाश के लिए मार्च 2026 तक की समय सीमा तय की थी पर मप्र ने ये लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया।
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Year Ender 2025 : ये साल बहनों के लिए भी खुशियां लाया, लाडली बहना की राशि 1500 हो गई।
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लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रुपए की
मध्य प्रदेश की सुपर योजना लाडली बहना योजना को भी ये साल नई सौगात दे गया। प्रदेश की बहनों के खाते में इस साल से 1500 रुपये आने लगे हैं। इस साल की दिवाली के बाद से ये रकम बढ़ा दी गई। बता दें कि मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृद्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गई।
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Year Ender 2025 : पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मप्र के धार में किया था।
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धार को मिली पीएम मित्र पार्क की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन पर मप्र को कई सौगातें दे चुके हैं। उसी कड़ी में इस साल के जन्मदिन यानी 17 सितंबर 2025 को उन्होंने धार जिले में पीएम मित्र पार्क की नींव रखी। देश का पहला पीएम मित्र पार्क धार जिले के भैंसोला गांव में बनेगा। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा था कि पीएम मित्र पार्क से भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को ऊर्जा मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान का शुभारंभ और सुमन सखी चैटबाट का लोकार्पण किया था।
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Year Ender 2025 : इसी साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों ब्रह्मा परियोजना का शिलान्यास हुआ।
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राज्य में बन सकेंगे मेट्रो और वंदे भारत के कोच
इस साल प्रदेश के विकास को नए पंख लगे हैं। 10 अगस्त को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एलान किया कि ओबेदुल्लागंज में बनने वाली रेल कोच निर्माण इकाई मेक इन इंडिया के तहत होगी। 60 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में इस कारखाने का विकास होगा। इस कारखाने से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। बीईएमएल लिमिटेड, भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ओबेदुल्लागंज में 60 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से 'ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग)' का निर्माण करेगी। इस परियोजना के तहत में अब मप्र में मेट्रो और वंदे भारत के कोच तैयार हो सकेंगे। ये एक बड़ी उपलब्धि है।
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Year Ender 2025 : इस साल मप्र में 500 किमी की रेल लाइन की मंजूरी मिली है।
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वडोदरा-रतलाम के बीच 259 किमी रेललाइन तो इटारसी–भोपाल–बीना 237 किमी रेललाइन को मंजूरी
रेल यात्रियों के लिए भी ये साल सौगात लेकर आया। प्रदेश में दो परियोजनाओं के लिए करीब पांच सौ किलोमीटर रेललाइन को मंजूरी मिली है। 7 अक्तूबर 2025 को मोदी सरकार ने प्रदेश को ये सौगात दी है। इन दो परियोजनाओं में वडोदरा-रतलाम रेल लाइन और इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन है। इसके बाद एमपी की गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो वहीं इटारसी से बीना की दूरी कम होगी। व्यापारिक कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी, जिससे प्रदेश की आर्थिक को बढ़ावा मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब गुजरात से रतलाम तूफान की रफ्तार में राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें आएंगी। रेल लाइन के कर्व्स को ठीक किया गया है और साथ ही तकनीक को उन्नत बनाया गया है।
Year Ender 2025 : इस साल मध्यप्रदेश में टाइगर कॉरिडोर बनाने की मंजूरी मिली है।
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मध्यप्रदेश में बनाया जाएगा टाइगर कॉरीडोर
इस साल मध्यप्रदेश में टाइगर कॉरिडोर बनाने की मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने मध्य प्रदेश के बाघ आवास क्षेत्रों में तीन परियोजनाओं–ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप, संजय डबरी टाइगर रिज़र्व और रातापानी टाइगर रिज़र्व को मंजूरी दी है। 9 दिसंबर को हुई बैठक की कार्यवाही के अनुसार, समिति ने सतना के आरक्षित वन क्षेत्र में एक चूना पत्थर खदान को मंजूरी देने की सिफारिश की। परियोजना प्रस्ताव के मुताबिक, पन्ना टाइगर रिज़र्व की टाइगर संरक्षण योजना के तहत स्वीकृत वन्यजीव कॉरिडोर के भीतर तथा उसके आसपास की 266.302 हेक्टेयर राजस्व भूमि पट्टे पर दी जाएगी। यह कॉरिडोर पन्ना, बांधवगढ़ और संजय टाइगर रिज़र्व के आवास क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। अन्य दो टाइगर रिज़र्व– संजय डबरी और रातापानी में भूमिगत जल पाइपलाइन तथा बरना बांध से संबंधित ढांचागत निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।