कार्यशाला में शामिल जनप्रतिनिध और अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
काम को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्ष अभी शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन उनके कार्यों को शामिल नहीं किया जाता। लेकिन, अब उनके द्वारा किए विद्यालय का निरीक्षण और सुझावों को लिपिबद्ध किया जाएगा और इन पर कार्य भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों को पीने के पानी का प्रबंध करने का अधिकार दिया है। पंचायतें विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाएं। इसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप योजना के माध्यम से लाभ पहुंचा रही है। अगर कोई किसान तीन हॉर्स पावर से 5 हॉर्स पावर तक का सोलर पंप लेता है तो उसे 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। पंचायतें इस योजना को भी आगे बढ़ाएं।
ये भी पढ़ें-
Bhopal News: भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, युवक को बेसुध होने तक आरोपियों ने पीटा | MP News
आत्मनिर्भरता के लिए चल रहा अभियान
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि यह आयोजन त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यहां सरपंच और सचिव प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में पंचायत व्यवस्था को सबसे अहम माना गया है। अगर हमारे जिला या जनपद के सीईओ और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच समन्वय की आवश्यकता है। सभी को मिलकर सेमी अर्बन डेवलपमेंट और वित्त जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन करने की जरूरत है। देश में आत्मनिर्भरता के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला है। मंत्री पटेल ने कहा कि केवल पैसा आत्मनिर्भरता का पैमाना नहीं है। अगर ग्राम पंचायतें तय कर लें तो किसी की हिम्मत नहीं कि कि कोई नशा करे और उसके कारोबार में लिप्त रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की हर पंचायत में दिसंबर 2026 तक श्मशान घाट और उसके लिए सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से प्रदेश के दूर दराज के एक-एक गांव में पक्की सड़क बन रही है। आज हमारा प्रदेश पीएम जनमन और पीएम आवास निर्माण कराने में देश में अग्रणी है।
इन्हें मिला पुरस्कार
समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य श्रेणी में खंडवा, रायसेन और बालाघाट जिला कलेक्टरों सहित अन्य अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया। खेत तालाब श्रेणी में बालाघाट, अनूपपुर, सहयोगी संगठनों को पुरस्कार मिला।