सीएम यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक की
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लोगों की जिंदगी बदलने पर विचार-विमर्श
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन हो रहा है, उसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ में भी चाहते हैं। हमारा दौरा उसी की जानकारी लेने और योजना बनाने के लिए है। सभी राज्यों में बेहतर धार्मिक पर्यटन की व्यवस्था हो, धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए, इस पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल गई है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां भी बदलाव आया है। सभी लोगों को साथ मिलाकर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम बाबा महाकाल और काशी विश्वनाथ को लेकर योजनाओं-जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके लिए हम एमओयू भी साइन करेंगे। हम प्रयास करेंगे कि दर्शन के लिए जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले। यहां हाल ही में प्रयागराज कुंभ हुआ है और उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। ऐसे में सुगमता बनी रहे, सारी व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए हमने प्रजेंटेंशन भी देखा। हम इस बात का भी अध्ययन कर रहे हैं कि भविष्य में और क्या किया जा सकता है।
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गरीबों की जिंदगी बेहतर करना उद्देश्य
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां एक और कारण से भी आया हूं। दोनों राज्यों के युवाओं को रोजगार मिले, गरीबों की जिंदगी बेहतर हो, उत्पादों की सही कीमत मिले, राज्य की समृद्धि हो-देश की समृद्धि हो, इसके लिए लघु उद्योगों के बीच कैसा समन्वय बनाया जाए, इसका भी अध्ययन किया जाएगा। इसे लेकर हमारा रोड शो भी होने वाला है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर मध्यप्रदेश में रिसर्च चल रही है, सरकार उसके लिए फैलोशिप भी दे रही है। उनके जीवन के विराट व्यक्तित्व पर बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-4-5 अप्रैल को महानाट्य का मंचन किया जाएगा। इसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे। हम इस महानाट्य की विधा को दोबारा जीवंत कर रहे हैं। वो समय चला गया जब राज्यों के बीच कटुता होती थी, अब सौहाद्र का समय है। हम केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर परियोजना पर उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।