मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित किया।
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लोकतंत्र का करिश्मा है, जो जेल जाने वाले राज्यपाल बने
कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की तपस्या के कारण आज देश में लोकशाही स्थापित है। ये लोकशाही का करिश्मा है कि जिन्हें लोकतंत्र की हत्या करके जेल भेजा गया, वे आज लोकशाही में राज्यपाल बने हैं। एक व्यक्ति की सत्ता की भूख ने सारे देश को कारागार बना दिया था। गांधी के बराबर जिनकी प्रतिष्ठा थी ऐसे जयप्रकाश नारायण, अटल जी, राजमाता सिंधिया और कई नेता जेल में बंद किए गए। काश उस वक्त ये पूछा जाता कि कैबिनेट का फैसला कहां है? तो देश को आपातकाल को नहीं झेलना पड़ता। यदि कांग्रेस के लोग इंदिरा गांधी के फैसले का विरोध करते तो देश को इमरजेंसी नहीं देखना पड़ती।
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अब 12 राज्यों में दी जा रही सम्मान निधि
सोनी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2008 में मीसाबंदियों को सम्मान निधि देने की शुरुआत की थी। वहीं आदेश लेकर हम देश के सभी राज्यों में गए और अब तक 12 राज्यों में सम्मान निधि देने की व्यस्था हो गई है।
प्रदेशभर से 700 मीसाबंदी परिवार कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम में पूरे मप्र से 700 मीसाबंदी अपने परिवारजनों के साथ शामिल हुए हैं। जिन्हें सम्मानित किया जा रहा है। लोकतंत्र सेनानी संघ के अध्यक्ष तपन भौमिक ने बताया कि भोपाल में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को ताम्र पत्र दिया गया है। अन्य मीसाबंदियों को उनके जिले में प्रभारी मंत्री मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ताम्र पत्र सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम इसी स्थान पर पिछले 11 साल से हो रहा है। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, गौतम टेटवाल, तुलसी सिलावट, विधायक रामेश्वर शर्मा, अजय बिश्नोई और भगवान दास सबनानी मौजूद रहे।