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MP News: 70 साल से ज्यादा के लोकतंत्र सेनानियों को मिलेंगे आयुष्मान कार्ड, सीएम मोहन यादव का एलान

Thu, 26 Jun 2025 10:20 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में मीसाबंदियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 70 वर्ष से ऊपर के लोकतंत्र सेनानियों को आयुष्मान कार्ड और एम्बुलेंस सुविधा देने की घोषणा की। कार्यक्रम में कर्नाटक व हरियाणा के पूर्व राज्यपालों को सम्मानित किया गया। 700 मीसाबंदी परिवार कार्यक्रम में शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान पत्र भेंट किए। - फोटो : अमर उजाला
मीसाबंदियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फ्री इलाज के लिए 70 वर्ष से ऊपर के लोकतंत्र सेनानियों को आयुष्मान कार्ड देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को इलाज के लिए बड़े अस्पताल या शहर जाने के लिए एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं रोजगार संबंधी योजनाओं में पात्रता पाए जाने पर उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में सीएम ने कहा संविधान के हत्यारे संविधान बचाने की बात करें तो ये कैसे सहेंगे। जिन्होंने अंबेडकर के साथ अन्याय किया वो अंबेडकर की बात करते हैं। कांग्रेस के अतीत के साथ लोकतंत्र के विरोधियों से हम सब निपटते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में आप लोगों ने जो कीमत चुकाई उसका अंदाज लगा लो, 1947 में देश आजाद हुआ, पर पड़ोसी पाकिस्तान हमसे एक दिन पहले आजाद हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता अब तक नहीं सुधरी। आज के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूरा देश देख रहा है। दूसरी तरफ 50 साल तक विपक्ष के नेता की भूमिका में अटलजी ने आदर्श स्थापित किए। अब ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से लेकर ट्रम्प तक जो नहीं बोल पाए वो बात हमारे देश के नेताओं ने बोलकर सेना पर सवाल उठाए। देश लोकतंत्र सेनानियों द्वारा 50 साल पहले किए गए कामों को याद रखेगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन के दौरान मीसा पुस्तक का विमोचन किया। - फोटो : अमर उजाला
मीसाबंदियों के लिए मप्र में सबसे अधिक सुविधाएं, चौहान को बधाई
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि 12 राज्यों में लोकतंत्र सेनानियों को कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके लिए शिवराज सिंह चौहान को बधाई देता हूं और मध्य प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। सेनानियों को जो ताम्र पत्र दे रहे हैं वह लोकतंत्र सेनानियों की आने वाली पीढ़ियां को आपातकाल की याद दिलाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अपना देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इस लोकतंत्र के लिए आप सब ने योगदान दिया। आपातकाल के दौरान लगभग 46 से अधिक अध्यादेश जारी हुए। संविधान के अनुच्छेद 38, 39 और 42 में ऐसे संशोधन किए जिनके माध्यम से संविधान को शिथिल कर दिया। देश की आजादी खत्म कर दी और लोगों के अधिकार समाप्त कर दिए। इस बात की जानकारी भावी पीढ़ी को देने की जरूरत है।

ग्लोबल वॉर्मिंग के संतुलन में भूमिका निभाएं
गहलोत ने कहा कि आप लोग अपने गांव, क्षेत्र में लोगों को बताएं जिस तरह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आजादी दिलाने के लिए काम किया था, उसी संकल्प को लेकर वर्तमान सरकार काम कर रही है। आज विश्व स्तर पर ग्लोबल वॉर्मिंग बड़ी समस्या है। इसके संतुलन में आप अपनी भूमिका निभाएं। देश की अर्थव्यवस्था सुदृण हुई है, दुनिया के देशों की तुलना में हमारी अर्थव्यवस्था चौथे स्थान पर पहुंची है। इसको तीसरे स्थान पर लाने का संकल्प भारत सरकार ने लिया है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं। क्या आप सहयोग और समर्पण कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था को सुधारने में मदद करें।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित किया। - फोटो : अमर उजाला
लोकतंत्र का करिश्मा है, जो जेल जाने वाले राज्यपाल बने
कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की तपस्या के कारण आज देश में लोकशाही स्थापित है। ये लोकशाही का करिश्मा है कि जिन्हें लोकतंत्र की हत्या करके जेल भेजा गया, वे आज लोकशाही में राज्यपाल बने हैं। एक व्यक्ति की सत्ता की भूख ने सारे देश को कारागार बना दिया था। गांधी के बराबर जिनकी प्रतिष्ठा थी ऐसे जयप्रकाश नारायण, अटल जी, राजमाता सिंधिया और कई नेता जेल में बंद किए गए। काश उस वक्त ये पूछा जाता कि कैबिनेट का फैसला कहां है? तो देश को आपातकाल को नहीं झेलना पड़ता। यदि कांग्रेस के लोग इंदिरा गांधी के फैसले का विरोध करते तो देश को इमरजेंसी नहीं देखना पड़ती।

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अब 12 राज्यों में दी जा रही सम्मान निधि
सोनी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2008 में मीसाबंदियों को सम्मान निधि देने की शुरुआत की थी। वहीं आदेश लेकर हम देश के सभी राज्यों में गए और अब तक 12 राज्यों में सम्मान निधि देने की व्यस्था हो गई है।

प्रदेशभर से 700 मीसाबंदी परिवार कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम में पूरे मप्र से 700 मीसाबंदी अपने परिवारजनों के साथ शामिल हुए हैं। जिन्हें सम्मानित किया जा रहा है। लोकतंत्र सेनानी संघ के अध्यक्ष तपन भौमिक ने बताया कि भोपाल में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को ताम्र पत्र दिया गया है। अन्य मीसाबंदियों को उनके जिले में प्रभारी मंत्री मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ताम्र पत्र सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम इसी स्थान पर पिछले 11 साल से हो रहा है। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, गौतम टेटवाल, तुलसी सिलावट, विधायक रामेश्वर शर्मा, अजय बिश्नोई और भगवान दास सबनानी मौजूद रहे।

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