मध्यप्रदेश के कटनी में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में खनिज क्षेत्र में निवेश की नई राहें खुली हैं। इस आयोजन में 56 हजार 414 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसमें देशभर से आए 2 हजार से अधिक खनिज उद्यमी, निवेशक और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के कटनी में शनिवार को आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में खनिज में 56 हजार 414 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इसमें करीब 2 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिनमें खनिज उद्यमी, निवेशक, विशेषज्ञ और विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थान शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खनिज संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश की देश में अलग पहचान है। सरकार खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में जिला स्तर पर भी इंडस्ट्री और सेक्टर आधारित कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर खनिज की संभावनाओं का बेहतर दोहन हो सके। कार्यक्रम में राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। शासन ने खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ भी एमओयू किया। इसी तरह खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए राज्य शासन ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव कटनी आयोजन प्रदेश में खनिजों की नवीन संभावनाओं को जानने के लिए सफल आयोजन है। उद्योगों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलते हैं। युवाओं, खासकर महिलाओं को घर चलाने में बड़ी मदद मिलती है। इसलिए हमने सरकार बनते ही तय किया कि औद्योगीकरण को मजबूत किया जाएगा। मध्यप्रदेश में किसी बात की कमी नहीं। पर्याप्त लैंड बैंक है, बिजली है, आने-जाने के लिए अच्छी सड़के हैं। आने वाले दिनों में यहां एयर कार्गो भी बनने जा रहा है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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खनिज को लेकर प्रसिद्ध है कटनी
सीएम ने कहा कि कटनी जिला विविध खनिजों के दोहन और खनिज आधारित उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में चूनापत्थर आधारित सीमेंट उद्योग, डोलोमाईट से निर्मित पुट्टी प्लांट, मार्बल, क्ले से बनने वाली अग्निसह ब्रिक्स और बॉक्साईट खनिज पर आधारित विभिन्न उद्योग स्थापित हैं। भविष्य में और औद्योगिक इकाईयों की प्रचुर संभावनाएं हैं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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प्रदेश की धरती हीरे के साथ सोना भी उगलती है
खनिज संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती हीरे के साथ सोना भी उगलती है।प्रदेश के हर जिले में कोई न कोई खनिज जरूर मिलता है। शहडोल में कोल, बॉक्साइड है, छिंदवाड़ा में कोल और बैतूल में ग्रेफाइट है। खनिजों के दोहन के लिए आवश्यक अधोसंरचना की जरूरत है। प्रदेश में ईंधन के लिए पेट्रोलियम और गैस के 12 ब्लॉक चिह्नित किए हैं। कोल बेस्ड मीथेन 37 प्रतिशत मध्य प्रदेश प्रोड्यूस करता है। जबलपुर में गोल्ड का भंडार मिला है। ग्रेफाइट सहित 30 क्रिटिकल एलिमेंट, जिन्हें क्रिटिकल मिनरल्स कहते हैं। लीथियम और लौह अयस्क के लिए सीधी में एक बेल्ट चिह्नित की गई है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 1 लाख एकड़ से अधिक लैंडबैंक है। यहां बिजली सरप्लस है, जिसका 20 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी से आता है। हम 2030 तक एनर्जी बॉस्केट में 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी शामिल करेंगे।
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सीएम डॉ. मोहन यादव, मंत्री उदय प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
माइनवेयर एडवायजरकरेगी 450 करोड़ का निवेश
माइनवेयर एडवायजर के एमडी कौशिक बोस ने कहा कि हमारी कंपनी मैकेनाइज माइनिंग करती है। हमारा राज्य में 450 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के सीएमडी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। हमारी 12 मिलियन टन तांबा उत्पादन क्षमता में 5 टन मलजखंड खदान से आएगा। कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से मध्यप्रदेश को तांबा उत्पादन में अग्रणी बनाएंगे।
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कटनी कॉन्क्लेव में सीएम की मौजूदगी में हुए एमओयू
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सीएम ने की वन-टू-वन और वर्चुअल मीटिंग
सीएम ने सिंघल विजनेस के सौरभ जैन, विनमीर रिसोर्सेस के गोविंद ए. शोरेवाला, रमनीक पावर एंड एलॉयएस के हर्ष त्रिवेदी-निश्चल त्रिवेदी, माइनवेयर एडवायजर के कौशिक बोस, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के संजीव कुमार सिंह, महाकौशल रिफ्रेक्ट्रीज के मयंक गुगलिया से वन-टू-वन मीटिंग की। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजीव मुंद्रा (कोलकाता), जेपी अग्रवाल (श्रीलंका से), विवेक भाटिया (दिल्ली), वी. साईंराम (कोचीन), थॉमस चेरियन (हैदराबाद) से उनकी निवेश योजनाओं एवं अनुभव को लेकर वर्चुअल संवाद किया।
कटनी कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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27 अगस्त को उज्जैन में स्प्रिरीचुअल कॉन्क्लेव
27 अगस्त को उज्जैन में स्प्रिरीचुअल कॉन्क्लेव और 31 अगस्त को ग्वालियर में टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित करेंगे। राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। कटनी को 25 अगस्त को बड़ी सौगात मिलने वाली है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल शुरू किए जा रहे हैं। कॉलेज खोलने पर 1 रुपए में 25 एकड़ जमीन देंगे। 25 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष 4 मेडिकल कॉलेजों के लिए एमओयू करेंगे।
निवेश प्रस्ताव
क्र. कंपनी का नाम निवेश प्रस्ताव प्रस्तावित राशि
1 सिंघल बिज़नेस प्रा. लि. कोल गैसीफिकेशन एवं नवीकरणीय ऊर्जा। 15,000 करोड़ रुपए
2 विनमिर रिसोर्सेस प्रा. लि. ग्रेफाइट बेनिफिसिएशन उद्योग। 850 करोड़ रुपए
3 रामनिक पॉवर एंड अलॉयज़ स्पांज आयरन प्लांट एवं फेरो-अलॉय इकाइयां। 1,850 करोड़ रुपए
4 माइनवेयर एडवाइजर्स प्रा. लि. आवंटित कोल ब्लॉक में खनन एवं उत्पादन। 450 करोड़ रुपए
5 महाकौशल रिफ्रैक्ट्रीज़ रिफ्रैक्ट्री उद्योग के लिये अगले 5 वर्ष में निवेश। 90 करोड़ रुपए
6 सायना ग्रुप लौह अयस्क बेनिफिसिएशन, पैलेट प्लांट, लौह आधारित विभिन्न उद्योगों में उपयोगी उत्पाद, 3 हजार करेाड रुपए एवं
बॉक्साइट कैल्सिनेशन प्लांट के लिए 950 करोड़ रुपए
7 नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक (09 ब्लॉक) खनिज ब्लॉकों में मुख्य खनिजों का उत्पादन। 32,774 करोड़ रुपए
8 नीलाम किए गए कोयला खनिज के (02 ब्लॉक) खनिज ब्लॉकों में कोयला खनिज का उत्पादन। 1,450 करोड़ रुपए