अर्चना तिवारी (सपना) और सारांश के बीच प्रेस-प्रसंग की बात आई सामने।
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पुलिस सारांश के जरिए पहुंची अर्चना तक
पुलिस ने बताया कि पूरे मिडघाट की तलाशी के बाद जब ये बाद कंफर्म हो गई है कि अर्चना की मौत नहीं हुई है तो जांच के दायरे को बढ़ाया गया। छह महीने की कॉल डिटेल अर्चना तिवारी की निकाली गई। इसमें केवल तीन बार सारांश और अर्चना तिवारी के बीच लंबी बातचीत का रिकॉर्ड मिला। इसके आधार पर सारांश पर जांच का दायरा बढ़ाया गया। सारांश से जब पूछताछ की गई तब पूरा मामला खुल गया। फिर सारांश के जरिए नेपाल में रह रही अर्चना तिवारी को फोन किया गया और वापस बुलाया गया।
शादी नहीं करना थी, इसलिए बुना पूरा प्लान
जीआरपी सूत्रों के अनुसार, अर्चना के लापता होने में उसके एक करीबी दोस्त ने पूरी मदद की। उक्त युवक इंदौर में रहता है और अर्चना उससे शादी करना चाहती थी। अर्चना के परिजन इस बात से वाकिफ थे, इसलिए वे उसकी शादी जल्द से जल्द अपनी बिरादरी में करना चाहते थे। करियर बनाने की बात कहकर अर्चना अब तक शादी टालती आ रही थी, लेकिन जब परिजन उसे और समय देने के लिए तैयार नहीं हुए, तो उसने लापता होने की योजना बनाई।
कैसे बने अर्चना, सारांश और तेजेंदर दोस्त
जनवरी 2025 में अर्चना ट्रेन में जा रही थी। इसके सामने की बर्थ में सारांश बैठा हुआ था। अर्चना किसी से एक केस के सिलसिले में बात कर रही थी। तब सारांश भी उसे सुन रहा था। सारांश ड्रोन से संबंधित काम करता था। इसके लिए उसे एक कंपनी बनानी थी। इस सिलसिले में उसने अर्चना से ट्रेन में ही बातचीत शुरू की। वो अपनी कंपनी के लिए लीगल कागजात अर्चना से बनवाना चाहता था। इसके लिए फिर दोनों की आपस में बातचीत शुरू हो गई। वहीं तेजेंदर केस के सिलसिल में अर्चना को महेश्वर और हरदा आदि जगह ले गया था। इससे उसका संपर्क लगातार अर्चना से बना रहता था। 7 अगस्त के पहले अर्चना एक दिन केस को लेकर हरदा गई हुई थी। वहीं सारांश भी आ गया। अर्चना ने सारी बात दोनों को बताई। इसके बाद वहां एक ढाबे में बैठकर तीनों ने अर्चना के गायब होने का प्लान बनाया।
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