मुख्यमंत्री आवास पर रविवार को प्रकाश पर्व का आयोजन किया गया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक जी के आदर्श महानता का प्रतीक है। सिख समाज ने मुख्यमंत्री को स्वर्ण तलवार भेंट की।
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मुख्यमंत्री निवास पर प्रकाश पर्व का आयोजन किया गया
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को गुरुनानक देवजी के 555वें प्रकाश पर्व पर भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर सिख समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्वर्ण तलवार भेंट की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिख धर्म के योगदान की प्रशंसा करते हुए गुरुनानक देवजी के विचारों को भारत की प्रेरणा बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरु नानक देवजी ने धर्म और समाज को समानता और सत्कर्म का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जी का जन्मस्थान पाकिस्तान में होना ही नहीं चाहिए। भारत में होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद गुरुनानक देव जी के जन्म स्थान को पाकिस्तान में छोड़ना तत्कालीन सरकार की सबसे बड़ी गलती थी। उनकी शिक्षाएं हमें जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देती हैं। उज्जैन के ऐतिहासिक गुरुद्वारे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस स्थान पर गुरु नानक देवजी ने यात्रा की थी और इसे संरक्षित करने में सरकार ने विशेष प्रयास किए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
गुरु परंपरा को उच्च शिक्षा में शामिल करने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सिख धर्म की गुरु परंपरा को शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने की पहल की है। गुरु नानक से लेकर गुरु गोविंद सिंह और उनके पुत्रों के बलिदान के प्रसंगों को उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है, ताकि नई पीढ़ी इन प्रेरणादायक कहानियों से अवगत हो सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुनानक देव जी ने अत्याचार एवं समाज की कुरीतियों के खिलाफ बुलंद आवाज उठाई। जो सरल सूत्र है यही वेद वाक्य है। यही चारों वेदों का निचोड़ है। निराकार परमपिता परमेश्वर के प्रति आस्था पर सच्चा विश्वास है। उसी परंपरा ने हमारी सनातन संस्कृति को बचाया। हम कैसे भूल जाए कि बलिदान का कोई मजाक बनाए। बलिदान को सम्मान देने का कार्य भाजपा ने किया है।
सिख समाज का योगदान अद्वितीय: वीडी शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि गुरुग्रंथ साहब के आगमन से मुख्यमंत्री निवास की पवित्रता और बढ़ गई है। उन्होंने करतारपुर साहिब के मार्ग को भारतीयों के लिए खोलने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिख समाज से त्याग, बलिदान और सेवा का प्रेरणादायक पाठ हमें सीखना चाहिए।