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MP News: सीएम डॉ. यादव बोले-एमएसएमई हैं भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़, प्रदेश में उद्योगों को मिली नई गति

Mon, 13 Oct 2025 08:18 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई सम्मेलन में प्रदेश के युवाओं और स्टार्टअप्स को आत्मनिर्भर बनने और उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर 700 इकाइयों को प्रोत्साहन राशि, 237 उद्यमियों को भू-आवंटन और 5084 युवाओं को बैंक ऋण सहायता प्रदान की गई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और छोटे उद्योग करोड़ों परिवारों का रोजगार और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दीपावली से पहले नए भारत के निर्माण का प्रतीक बताया और सम्मेलन को विश्वास एवं स्वाभिमान का उत्सव बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों के सम्मेलन में उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने 700 एमएसएमई इकाइयों को 197 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इसके अतिरिक्त, 63 स्टार्टअप्स को ईआईआर सहायता योजना के तहत 1 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गई। 237 उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र दिए गए, जिससे उन्हें उद्योग स्थापना में सुविधा मिलेगी। साथ ही, उद्यम क्रांति योजना के तहत 5084 युवाओं को 347 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक ऋण सहायता वितरित की गई।

 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बन रहे 
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से संवाद करते हुए कहा कि अब युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश में 47 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिला उद्यमियों के नेतृत्व में हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 4 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयाँ एमएसएमई के रूप में पंजीकृत हैं और 102 इंक्यूबेशन सेंटर युवाओं को अपने आइडिया को साकार करने का अवसर दे रहे हैं।

19 नए औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 800 से अधिक भू-खण्ड उद्योगों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। 19 नए औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा रहे हैं और 10 नए क्षेत्रों के विकास का प्रस्ताव तैयार है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 50 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी उपलब्ध करवा रहे हैं। डिजिटल रिटर्न और जीएसटी की सुविधाओं से उद्योगों को नई पहचान मिली है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी उत्पादन और छोटे उद्योग भारत को आत्मनिर्भर बनाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

 
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सीएम डॉ. यादव और मंत्री चैतन्य कश्यप एमएसएमई के कार्यक्रम में - फोटो : अमर उजाला
एमएसएमई सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा 
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। अगस्त 2025 तक उद्यमियों को करीब 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार 50 प्रतिशत लैंड लॉक सब्सिडी शुरू की गई है, जो छोटे व्यवसायियों को निर्यात में मदद करेगी।

छह वर्षों में 820 इकाइयों को भूमि आवंटन 
प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले छह वर्षों में 820 इकाइयों को भूमि आवंटन हो चुका है। स्टार्टअप नीति 2025 के तहत प्रदेश के 83 स्टार्टअप्स को एक करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ब्लॉक में औद्योगिक इकाई स्थापित करना है।

सीएम ने उद्यमियों से वर्चुअली संवद किया 
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट और टीकमगढ़ जिलों के उद्यमियों से भी संवाद किया। वहीं, स्थल पर उपस्थित भोपाल जिले के उद्योगपति और नव उद्यमियों के साथ भी उन्होंने चर्चा की। कार्यक्रम में विभागीय आयुक्त, अन्य अधिकारी, उद्योग संगठन और स्टार्टअप प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस सम्मेलन ने प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को नई गति दी और युवाओं, महिलाओं और स्टार्टअप्स के लिए अवसरों का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्यमियों से अपील की कि वे अपने उद्योगों के माध्यम से मध्यप्रदेश और भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाएं।
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