डीजीपी मकवाना अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
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महिला अपराध पर सख्त एक्शन लें
उन्होंने कहा कि जिला, थाना और बीट स्तर पर शांति समितियों की बैठकें आयोजित कर दोनों समुदायों के लोगों से लगातार संवाद बनाए रखें। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतते हुए किसी भी विवाद को समय रहते नियंत्रित किया जाए। महिला सुरक्षा को लेकर भी डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या छेड़खानी की घटना पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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जुलूसों की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी
जुलूस और शोभायात्राओं के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए डीजीपी ने कहा कि सभी आयोजन केवल पारंपरिक और अनुमति प्राप्त मार्गों से ही निकाले जाएं। जुलूसों की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी और डीजे व लाउडस्पीकर के उपयोग को नियंत्रित रखा जाएगा। आपत्तिजनक गीतों या सामग्री के प्रसारण पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश देते हुए डीजीपी ने कहा कि शरारती और उपद्रव फैलाने वाले लोगों की पहले से पहचान कर उन पर निगरानी रखी जाए। आयोजन स्थलों और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी, वहीं डॉयल-112 को भी मुस्तैद रखा जाएगा।
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संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें
उन्होंने अन्य विभागों जैसे नगर निगम, बिजली और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस बल को दंगा-रोधी उपकरणों से लैस रखने और ड्यूटी से पहले ब्रीफिंग देने के निर्देश भी दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों और पुराने विवाद वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाए जाएं, इसके लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।