मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार के मुख्य आरोपी सौरभ शर्मा की तलाश में पुलिस और जांच एजेंसियों के हाथ खाली ही हैं। दूसरी ओर इंदौर में पार्षद के बेटे के साथ मारपीट करने के मामले में पार्षद जीतू यादव को बयान के लिए नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन उसका भी कोई पता नहीं चल सका है। कुल मिलाकर लोकायुक्त पुलिस, ईडी और एटीएस सहित सभी एजेंसियां नाकाम रही हैं।
मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में हुए काले धन के घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ शर्मा की तलाश तेजी से जारी है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी में कोई सफलता नहीं मिली है। जांच में शामिल विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियां-लोकायुक्त पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग भी अब तक खाली हाथ हैं। सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, जबकि दोनों केंद्रीय एजेंसियों ने समन जारी किए हैं। इसके साथ ही एजेंसियों ने उसको पकड़ने की खानापूर्ति पूरी कर दी है। सौरभ शर्मा के बारे में लोकायुक्त की तरफ से बताया गया था कि वह संभवत: दुबई में हो सकता है, लेकिन अब एजेंसियों को सौरभ शर्मा और उसकी पत्नी दिव्या शर्मा के भारत में ही छिपे होने के इनपुट मिले हैं। यह भी बताया जा रहा है कि वह अपने परिजनों से भी संपर्क में है।