दमोह में जांच करते बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य।
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कानूनगो ने कहा- शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई होगी
इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दो ट्वीट किए। इसमें स्कूल प्रबंधन की ओर से जारी पत्र को झूठ बताया। उन्होंने लिखा- स्कार्फ नहीं था हिजाब था। झूठ मत फैलाओ हाजी इदरीस! जांच चल रही है। आज (शुक्रवार को) राज्य बाल आयोग की टीम दमोह पहुंचेगी। जो कहना है, उससे कहना। मीडिया को प्रभावित कर जनभावनाएं भड़काकर सहानुभूति हासिल करने का ड्रामा चलने वाला नहीं है। चार्ल्स डारविन के मानव विकास क्रम के वैज्ञानिक सिद्धांत के विपरीत इस स्कूल में मानव उत्पत्ति का रूढ़िवादी इस्लामिक सिद्धांत सिखाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के जिन अधिकारियों ने इस स्कूल को मान्यता देते समय इन गम्भीर मुद्दों को नज़रंदाज़ किया उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर दमोह कलेक्टर जांच कर रहे हैं। हाजी इदरीस बिल्डिंग की पुताई कर साक्ष्य मिटा रहा है। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जा रहा है।
क्या है विवाद
गंगा जमना स्कूल ने हाईस्कूल परीक्षा परिणाम को लेकर फ्लेक्स लगाया था। इसमें सफल छात्र-छात्राओं की तस्वीरें थी। छात्राओं ने स्कार्फ लगाया था, लेकिन क्लोजअप में वह हिजाब जैसा लग रहा है। इस पर कुछ परिजनों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। हिंदू संगठन भी सक्रिय हुए और आरोप लगाया कि हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाया गया। प्रदर्शन कर कलेक्टर को कार्रवाई के लिए ज्ञापन भी सौंपा था। इससे पहले कलेक्टर ने जांच कराई तो पता चला कि वह स्कार्फ है, जिसे पहनना छात्राओं के लिए स्वैच्छिक है। स्कूल प्रबंधन का भी कहना है कि उसने कभी भी स्कार्फ को अनिवार्य नहीं किया है। यह मामला बढ़ा तो गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने दोबारा जांच कर कार्रवाई करने को कहा है।
राज्य बाल आयोग पहुंचा स्कूल
राज्य बाल आयोग के सदस्य ओंकार सिंह और मेघा पवार शुक्रवरा शाम को स्कूल पहुंचे। बच्चों को स्कार्फ पहनाने का कारण पूछा। इस पर स्कूल प्रिंसिपल अफसा शेख ने कहा कि अभी तक किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। यह सुनते ही आयोग के सदस्य नाराज हो गए। कहा कि किसी ने आपत्ति नहीं दर्ज कराई तो क्या बुर्का पहना देंगे? स्कूल संचालक इदरीस खान ने कहा कि यह स्कूल का ड्रेस कोड है। जब कहा गया कि हिंदू धर्म में बच्चियों का सिर ढंकने की परंपरा नहीं है। इस आयोग के सदस्यों ने अभिभावकों से बात की, जिन्होंने आरोप लगाए थे। टीम के साथ दमोह तहसीलदार मोहित जैन और जिला शिक्षा अधिकारी एसके मिश्रा मोजूद रहे। टीम के सदस्यों ने स्कूल की किताबों की जानकारी भी ली।