दुनिया के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंधों की जीवंत झलक
- फोटो : अमर उजाला
'प्रोजेक्ट मौसम' प्रदर्शनी हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े देशों के बीच सदियों पुराने समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है। इसमें डिजिटल तकनीक, इमर्सिव फिल्म, इंटरेक्टिव डिस्प्ले और ग्राफिक्स के माध्यम से बताया गया है कि किस तरह मानसूनी हवाओं ने समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया। प्रदर्शनी में यूनेस्को की बहुराष्ट्रीय विश्व धरोहर नामांकन की अवधारणा और विरासत संरक्षण की प्रक्रिया को भी सरल तरीके से समझाया गया है।
ये भी पढ़ें-
MP News: छात्राओं की 'कैबिनेट' से मिलकर गदगद हुए CM यादव, बोले- AI का इस्तेमाल करें, लेकिन अपना दिमाग भी लगाएं
'वृहत्तर भारत' प्रदर्शनी भारत और एशिया, अफ्रीका सहित दुनिया के कई देशों के बीच हजारों वर्षों से चले आ रहे सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों की झलक प्रस्तुत करती है। इसमें सम्राट अशोक, नालंदा विश्वविद्यालय, इंडोनेशिया, थाइलैंड, वियतनाम और सिल्क रूट से जुड़े ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत और उसके वैश्विक प्रभाव को दर्शाया गया है। संगीत, नृत्य, स्थापत्य कला और प्राचीन पांडुलिपियों के जरिए साझा सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया है।
ये भी पढ़ें-
MP News: शहरों से सटी बड़ी ग्राम पंचायतों की अलग कार्ययोजना बनेगी, सीएम बोले- संतुलित विकास होगा