कामेडियन कृष्णा-सुदेश ने गुदगुदाया
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल की आवाज आज एमपी में गुंजना चाहिए। आज भोपाल का स्वतंत्रता दिवस है। भोपाल को आजादी आसानी से नहीं मिली थी। यह भोपाल केवल नवाबों का शहर नहीं है। यह राजा भोज का बसाया हुआ शहर है। राजा भोज की प्रतिमा आज भोपाल की पहचान बन गई है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति ने अपने स्वाभिमान के लिए जल समाधि ले ली थी। हमने हबीबगंज का नाम बदल कर रानीकमला पति कर दिया। भोपाल का इतिहास गौरवशाली है।
हमारे चार लोग वोरास में शहीद हुए थे
सीएम ने कहा कि भोपाल के नवाब ने भारत में भोपाल रियासत के विलय से इंकार कर दिया था। और तब यहां विलीनीकरण आंदोल चला गया। इसमें पंडित उद्धव दास मेहता, भाई रतनकुमार, बालकृष्ण गुप्ता, प्रोफेसर अक्षय कुमार जैन, ठाकुर लाल सिंह, पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, शांति देवी, मथुरा बाबू और सारंग जी समेत अनकों लोगों ने विलीनीकरण आंदोलन में भाग लिया और वोरास में तिरंगा झंडा फहराया था। जिसमें चार लोग वोरास में शहीद हुए थे। मैं उनको प्रणाम करता हूं।