भोपाल में इज्तिमा की शुरुआत।
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होंगे सैंकड़ों निकाह
इज्तिमा के पहले दिन शुक्रवार को इज्तिमागाह पर सैंकड़ों निकाह होंगे। महंगी शादियों की सामाजिक बुराई को रोकने की मंशा के साथ किए जाने वाले इस आयोजन के दौरान पूरी तरह सादगी का ख्याल रखा जाता है। न बैंड बाजा, न बारात और आतिशबाजी। जानकारी के मुताबिक इस साल निकाह की तादाद 350 से ज्यादा है। इनमें करीब 100 से ज्यादा निकाह भोपाल के ही बाशिंदों के हैं।
पाकिस्तान को कभी नहीं मिली इज़्तिमा में जगह
आजादी से पहले भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश का संयुक्त इज़्तिमा हुआ करता था। लेकिन, 1947 में बंटवारे के बाद से बांग्लादेश का अलग इज़्तिमा होने लगा। पाकिस्तान की जमाते इसी का हिस्सा बनती हैं। 77 बरस के इज़्तिमा इतिहास में भारत के इज्तिमा में कभी पाकिस्तान को जगह नहीं दी गई। पाकिस्तान और बांग्लादेश के अलावा करीब 15 मुल्कों के 150 से अधिक जमाती शामिल हुए हैं। इनमें म्यांमार, मोरक्को, ईराक, यूके, सिंघाई, USA, थाईलैंड, बांग्लादेश, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, केनिया, तनिसिया, फ्रांस, इजिप्ट, सूडान, उज़्बेकिस्तान, मलेशिया, जर्मनी, सऊदी अरब, क्रिजिस्तान आदि के नागरिक शामिल हैं।
झलकियां
- शुक्रवार सुबह से शुरू होने वाले इज्तिमा के लिए अधिकतम जमातें गुरुवार शाम तक इज़्तिमागाह पहुंच चुकी थीं। इज्तिमा में 4 दिन रुकने वाले शहरवासियों ने भी रात को ही इज्तिमागाह का रुख करना शुरू कर दिया था।
- भोपाल टॉकीज से लेकर इज़्तिमागाह तक यातायात व्यवस्था वालेंटियर्स ने सम्हाल ली है। कुछ मुख्य चौराहों पर पुलिस जवान भी इनका सहयोग कर रहे हैं।
- रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड के अलावा भोपाल टॉकीज, डीआईजी बंगला, करोंद आदि जगहों पर इस्तकबाल कैंप लगाए गए हैं। जहां से इज़्तिमागाह तक निशुल्क वाहन व्यवस्था की गई है। यहां से सफर करने वाले जमातियों के लिए चाय, पानी, वजू, नमाज और आराम के इंतजाम भी इन इस्तकबाल कैंप में किए गए हैं।
- शहर से इज़्तिमागाह तक पहुंच मार्गों पर जमातियों के स्वागत के पोस्टर लगाए गए हैं। सियासी, सामाजिक और अन्य लोगों ने यह पोस्टर लगाए हैं।
- काजी कैंप से नबी बाग तक मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बेरीकेट्स लगाए गए थे। जिन्हें यातायात सुविधा के लिहाज से हटाया जा रहा है।
- काजी कैंप पर फैले दुकानों के अतिक्रमण लोगों ने स्वेच्छा से हटा लिए हैं।