किसान पुलिस अफसरों के पैरों तक में गिर गए।
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बच्चे पूछ रहे- कब आएंगे पापा
घर की महिलाओं का कहना है कि वे चाहती हैं कि सरकार जल्द फैसला ले, ताकि किसान अपने घर वापस लौट सकें और खेती का काम फिर से सामान्य हो सके। वहीं आंदोलन में गए किसानों के बच्चे रोज अपने पिता से एक ही सवाल पूछ रहे हैं पापा कब आएंगे?
बढ़ रही बेचैनी
परिवारों का कहना है कि यह सिर्फ मूंग खरीदी का मुद्दा नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, कर्ज और उनके परिवार के भविष्य से जुड़ा सवाल है। एक तरफ भोपाल की सड़कों पर किसान अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ गांवों में उनके परिवार उनकी वापसी की राह देख रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार के फैसले पर टिकी है। किसानों की आवाज भोपाल तक पहुंच चुकी है, लेकिन गांवों में बैठे परिवारों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।