अमर उजाला संवाद आयोजन में डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी को सम्मानित करते सीएम डॉ. मोहन यादव
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डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने संवारी लाखों युवाओं की तकदीर
डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी देश के उन युवा शिक्षाविदों और सामाजिक उद्यमियों में शामिल हैं, जिन्होंने कौशल, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ठोस नवाचार कर लाखों युवाओं को नई दिशा दी है। वे वर्तमान में मध्य भारत के पहले कौशल-आधारित निजी विश्वविद्यालय- स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू), भोपाल के चांसलर हैं, जिसकी स्थापना 2023 में "कौशल के साथ शिक्षा" के सिद्धांत पर की गई।
18 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी आईसेक्ट (एआईएसईसीटी) ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष भी हैं। उनके नेतृत्व में आईसेक्ट समूह ने 29 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 605 जिलों, 2100 ब्लॉकों और 8500 से अधिक ग्राम पंचायतों में 31,000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से 20 लाख से ज्यादा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 50 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।
डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी प्रबंधन में पीएचडी धारक हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल से और एमबीए एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च से प्राप्त किया। करियर की शुरुआत आईटीसी एग्री बिजनेस और आईबीएम जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों से की, लेकिन जल्दी ही उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में कदम रखा। उनके द्वारा स्थापित स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय है, जो युवाओं को डिजिटल, तकनीकी और व्यवहारिक कौशल के साथ रोजगार, आजीविका और उद्यमशीलता के लिए तैयार कर रहा है।
वे छत्तीसगढ़ के डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश के रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और अन्य राज्यों में आईसेक्ट समूह की यूनिवर्सिटीज की गवर्निंग बॉडी का भी हिस्सा हैं। आज भी वे युवाओं के लिए स्किल स्मार्ट इंडिया के विजन को लेकर प्रतिबद्ध हैं और मानते हैं कि ''सही शिक्षा, सही कौशल और सही दिशा ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी सीआईआई, एनएसडीसी, एसाचैम, नैसकॉम जैसे राष्ट्रीय मंचों पर शिक्षा, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ये पुरस्कार मिले
- एशियाज मोस्ट इंफ्लूएंशियल यंग लीडर (2020–21) सम्मान
- वर्ल्ड बैंक, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल जैसे प्रतिष्ठित मंचों ने सराहा