फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ram Temple: बैतूल के चंदेल ने सीताराम और ॐ अक्षरों को जोड़कर लिखा 1200 पन्नों का ग्रंथ, लग गए आठ साल

Thu, 18 Jan 2024 04:44 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल

सार

Ram Temple In Ayodhya: अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। ऐसे  में रामभक्तों की चर्चा जरूरी है। बैतूल के केदार सिंह चंदेल ने आठ साल की मेहनत में अपनी रामभक्ति प्रदर्शित की है।
विज्ञापन
1 of 3
बैतूल के केदार सिंह चंदेल ने राम शब्द का इस्तेमाल करते हुए हनुमान जी की यह तस्वीर बनाई है। - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या में बन रहे श्री राम जन्मभूमि मंदिर और उसमें रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में काफी उत्साह है। इसकी चर्चा हर जगह है। ऐसे समय में कुछ अद्वितीय राम भक्तों की भी कहानियां सामने आ रहीं हैं। ऐसे ही एक भक्त हैं मध्य प्रदेश के बैतूल में रहने वाले केदार सिंह चंदेल।

बैतूल जिले के देवगांव में रहने वाले 65 वर्षीय केदार सिंह चंदेल ने होश संभालते ही 22 साल की आयु में श्री राम के नाम को कागजों पर लिखना शुरू कर दिया। फिर उन्होंने सीता राम से मिलकर पूरे सुंदरकांड को लिखा। केदार सिंह की भक्ति यहीं नहीं थमी। फिर साल 1997 में उनके एक दोस्त की प्रेरणा से मन में सियाराम के अक्षरों को जोड़कर रामचरितमानस लिखने का विचार आया। इसके बाद केदार सिंह ने रोजाना एक घंटे से ज्यादा का समय निकालकर रामचरित मानस लिखना शुरू किया। लगभग आठ साल में इस कार्य को पूरा किया। अब जब पूरे देश में श्रीराम मंदिर और राम भक्तों की चर्चा है, तो केदार सिंह चंदेल की भक्ति भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।

 
विज्ञापन

2 of 3
बैतूल के केदार सिंह चंदेल ने 1200 पेज का यह ग्रंथ भी लिखा है। - फोटो : अमर उजाला
घर के मुख्य द्वार पर मंगलम, पीछे लिखा है जय जय श्री राम
केदार सिंह की राम भक्ति की बहुत ही अलग झलक उनके घर में दिखती है। घर के मुख्य द्वार पर "मंगलम" और पीछे "जय जय श्री राम" लिखा हुआ है। इसके बाद प्रकृति प्रेम को दर्शाता हुआ एक सुंदर बगीचा है। उसमें पौधों की हरियाली है। केदार सिंह के घर में मुख्य आकर्षण का केंद्र उनकी दीवारों पर रामायण की लिखी चौपाइयां हैं, जो कुछ न कुछ सीखने को प्रेरित करती हैं।

मानस की एक प्रति अयोध्या भेजना चाहते हैं 
सीता राम और ॐ अक्षरों से रामचरित मानस लिखने वाले केदार सिंह चंदेल बताते हैं कि अवधी में रामचरित मानस को लिखा गया है। 1200 पेज की इस किताब को पूरा लिखने में आठ साल लग गए। मैं चाहता हूं कि इसकी और भी प्रतियां छापी जाएं। साथ ही एक कॉपी को अयोध्या भेजा जाए।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
केदार सिंह चंदेल ने इस अंदाज में लिखी है 1200 पेज का रामचरित मानस। - फोटो : अमर उजाला
अब वाल्मीकि रामायण लिखेंगे केदार
केदार सिंह यह भी बताते हैं कि होश संभालने के बाद से ही उन्होंने राम कार्य जारी रखा, कभी राम नाम लिखकर कागजों को अयोध्या के श्री राम नाम बैंक भेजा। कभी ऐसे ही अक्षरों से अक्षरों को जोड़कर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड लिखना, और फिर इसी तरह सीता में राम और राम में सीता लिखकर रामचरित मानस के सात कांड लिख दिए। अब, केदार सिंह का सपना है कि वह वाल्मीकि की रामायण को संस्कृत में भी लिखें।

खेती-किसानी करते रहे केदार सिंह चंदेल
केदार सिंह चंदेल बैतूल जिले के भोगीतेड़ॉ ग्राम के निवासी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई बीकॉम और एलएलबी से पूरी की हैं। हालांकि, खेती-किसानी को उन्होंने अपना पेशा बनाया। इससे अपने परिवार का पालन-पोषण किया। केदार सिंह के परिवार में उनकी माताजी, पत्नी और पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और दो बेटियां हैं। अपनी राम भक्ति के साथ-साथ केदार सिंह ने अपने परिवार के मुखिया होने का कर्तव्य भी पूरी तरह निभाया है। उनका एक बेटा आज डेंटिस्ट है। दो बेटे खेती करते हैं। 

बैतूल से कुलदीप भाटिया 
और पढ़ें...
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें