केदार सिंह चंदेल ने इस अंदाज में लिखी है 1200 पेज का रामचरित मानस।
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अब वाल्मीकि रामायण लिखेंगे केदार
केदार सिंह यह भी बताते हैं कि होश संभालने के बाद से ही उन्होंने राम कार्य जारी रखा, कभी राम नाम लिखकर कागजों को अयोध्या के श्री राम नाम बैंक भेजा। कभी ऐसे ही अक्षरों से अक्षरों को जोड़कर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड लिखना, और फिर इसी तरह सीता में राम और राम में सीता लिखकर रामचरित मानस के सात कांड लिख दिए। अब, केदार सिंह का सपना है कि वह वाल्मीकि की रामायण को संस्कृत में भी लिखें।
खेती-किसानी करते रहे केदार सिंह चंदेल
केदार सिंह चंदेल बैतूल जिले के भोगीतेड़ॉ ग्राम के निवासी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई बीकॉम और एलएलबी से पूरी की हैं। हालांकि, खेती-किसानी को उन्होंने अपना पेशा बनाया। इससे अपने परिवार का पालन-पोषण किया। केदार सिंह के परिवार में उनकी माताजी, पत्नी और पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और दो बेटियां हैं। अपनी राम भक्ति के साथ-साथ केदार सिंह ने अपने परिवार के मुखिया होने का कर्तव्य भी पूरी तरह निभाया है। उनका एक बेटा आज डेंटिस्ट है। दो बेटे खेती करते हैं।
बैतूल से कुलदीप भाटिया