अनूपपुर के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम को तीन मंजिला इमारत गिरने के 13 घंटे बाद भी मलबा हटाने और रेस्क्यू का काम जारी है। हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। चलिए तस्वीरों में देखें कैसे मलबे के ढेर में पल झपकते ही बदल गई लॉज की तीन मंजिला इमारत।
विज्ञापन
1 of 8
दुर्घटना के बाद मलबा हटाते हुए सुरक्षा बल व एनडीआरएफ के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
अनूपपुर के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार की शाम तीन मंजिला इमारत गिरने के 13 घंटे के बाद भी मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। रात भर मलबा हटाने का काम चलता रहा और अभी भी जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पांच लोगों को बाहर निकाला गया। इसमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी थी और तीन घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। घायलों का उपचार चल रहा है।
विज्ञापन
2 of 8
राहत व बचाव कार्य जारी।
- फोटो : अमर उजाला
एसडीआरएफ, प्रशासन व पुलिस बल मौके पर उपस्थित
रात में ही यहां एसडीआरएफ की टीम पहुंच गई जो कि अब रेस्क्यू कार्य तेज कर रही है। ताजा अपडेट के मुताबिक अब मृतकों की संख्या तीन हो गई है। मृतक के परिजनों में शोक की लहर है। घर वाले आगे की प्रक्रिया कर रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 8
अनूपपुर में इमारत के मलबे से अब तक तीन शव निकाले जा चुके हैं।
- फोटो : अमर उजाला
जब इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, उस वक्त खुदाई चल रही थी
कोतमा बस स्टैंड के समीप स्थित अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत शनिवार को अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय भवन के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था। साथ ही लॉज के बगल में नए निर्माण के लिए नींव की खुदाई भी की जा रही थी। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया। एक दम से तेज आवाज सुनकर लोग कांप उठे।
'पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई'
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि तेज आवाज आई तो हम लोग डर गए। देखा तो इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई थी। जिसने भी सुना हैरान रह गया। चारो तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोग चिल्लाते हुए दिखे। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस और प्रशासनिक अमला भी तुरंत आ गया।
विज्ञापन
5 of 8
जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
- फोटो : अमर उजाला
जानें इस दुर्घटना पर क्या बोले पुलिस अधीक्षक?
रात में पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान का बयान भी सामने आया। एसपी ने शुरुआत में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई थी। तीन लोगों की मौत हुई है। घायलों को मलबे से निकालकर उपचार के लिए भेजा गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ की टीम भी जुटी हुई है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
क्यों नहीं ली गई थी निर्माण कार्य की अनुमति
इस हादसे में बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों से बात करने पर पता चला कि लॉज के तीसरे मंजिले में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं पास में भी काम जारी था। दोनों ही निर्माण कार्यों की अनुमति नगर पालिका से नहीं थी। अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि जब अनुमति नहीं थी, तो नगर पालिका ने कैसे इस कार्य को चलने दिया? इससे पालिका को निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
7 of 8
सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं- सीएम डॉ. मोहन यादव
अनूपपुर कोतमा हादसे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। हादसे की खबर मिलते ही तुरंतप्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत व उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तीन लोगों के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत को श्रीचरणों में स्थान दें। शोकसंतप्त परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
सरकार ने की आर्थिक मदद की घोषणा
वहीं, रविवार को सीएम ने एक्स पर जानकारी दी कि अनूपपुर में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹4-4 लाख, संबल योजना के अंतर्गत ₹4-4 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹2-2 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹50-50 हजार राशि दी जाएगी।
जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद।
- फोटो : अमर उजाला
जिला प्रशासन जुटा हुआ है बचाव कार्य में
अनूपपुर जिला प्रशासन इस हादसे के बाद तुरंत हरकत में आ गया। जिले भर से आई रेस्क्यू टीम के साथ बचाव कार्य में लगा हुआ है। मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं, घायलों के उपचार पर भी समुचित नजर रखी जा रही है। पुलिस बल व एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम के साथ ही एसईसीएल हसदेव क्षेत्र एवं जमुना कोतमा क्षेत्र की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में लगी हुई है।