इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व आगर के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ऐतिहासिक पुनर्स्मरण का अवसर बन गया है। आगर के प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ मंदिर से जुड़े कर्नल मार्टिन के परिवार की छठी पीढ़ी की सदस्य शांति मैक्लोवर 14 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया से आगर पहुंचेंगी और 15 फरवरी से प्रारंभ हो रहे मंदिर के महाशिवरात्रि कार्यक्रमों में शामिल होंगी। इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर्नल मार्टिन व उनकी पत्नी ने 1887 में कराया था। अफगान युद्ध में एक त्रिशूलधारी योगी के चमत्कार से प्रभावित होकर उन्होंने यह कार्य किया था।
पुलिस अधिकारी यादव ने किया शोध
बाबा बैजनाथ मंदिर और कर्नल मार्टिन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर लंबे समय से कई तरह के संदेह और चर्चाएं प्रचलित थीं। इन्हीं तथ्यों को प्रमाणित करने और सच्चाई तक पहुंचने का बीड़ा उठाया आगर में पदस्थ ट्रैफिक इंचार्ज जगदीश यादव ओर मंदिर के मुख्य पुजारी मुकेश पुरी ने। पुलिस सेवा में रहते हुए सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों में रुचि रखने वाले जगदीश यादव ने वर्षों तक दस्तावेजों, अभिलेखों और विभिन्न स्रोतों के माध्यम से शोध किया। उनका साथ मंदिर के मुख्य पुजारी मुकेश पूरी ने भी लगातार प्रयासों के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में निवास कर रहे कर्नल मार्टिन के परिवार को खोज निकाला। उनकी इस खोज ने न केवल इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी को जोड़ा, बल्कि आगर की पहचान से जुड़े एक अध्याय को जीवंत कर दिया।
यह पहला अवसर होगा जब गुलामी काल में भारत से विदेश गए कर्नल मार्टिन के वंशज पुनः उस भूमि पर कदम रखेंगे, जहां से उनके परिवार का ऐतिहासिक संबंध रहा है। पूरे शहर में इस आगमन को लेकर उत्साह और जिज्ञासा का माहौल है।
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