यूपी विधानसभा में बृहस्पतिवार को बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल पर कागज के गोलों की बौछार की और सदन में गुब्बारे उड़ाए। शोर-शराबे के बीच सदन में सीटियां भी सुनाई पड़ीं। इस दौरान सदन में सपाइयों के हंगामे पर बेबस नजर आ रहे सीएम योगी आदित्यनाथ का गुस्सा मीडिया के सामने नजर आया।
उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों का दस्तावेज होता है। विपक्ष ने सदन में जिस तरह का अमर्यादित आचरण किया है, वह निंदनीय है। इससे संसदीय मर्यादा तार-तार हुई है। सपा व अन्य विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके, गुब्बारे उछाले, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह सब निंदनीय है। इससे साबित होता है कि सपा अपने अराजकतापूर्ण आचरण से विधानसभा को भी मुक्त नहीं रहने देना चाहती। इनका आचरण लोकतंत्र को कमजोर करने तथा गरीबों, दलितों व वंचितों की आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, उनसे मेरा आग्रह है कि आचरण ठीक कर लें वरना कहीं लाल टोपी वालों से जनता ही निपटना न शुरू कर दे।