मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि प्रदेश सरकार का छह महीने का कार्यकाल लोगों के भरोसे और विश्वास का रहा है। जंगलराज खत्म हुआ और प्रदेश अब मंगलराज की ओर बढ़ रहा है। लोगों का पलायन रुका है। कैराना, मुजफ्फरनर और संभल के व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पहले सप्ताह में दो दंगे होते थे, लेकिन छह महीने में एक भी दंगा नहीं हुआ। ईद, बकरीद, जन्माष्टमी और अन्य पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं केवल प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं करता। लोगों को बुलाकर बात करता हूं। पब्लिक फीडबैक लेता हूं। मेरा असली भरोसा जनता पर है।’ उन्होंने कहा कि सरकार की साख की कसौटी जनमत है, हालांकि कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। संतोष है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
योगी आदित्यनाथ रविवार को सरकार के छह महीने पूरे होने पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘पहले प्रदेश में अराजकता थी, हर सप्ताह दो दंगे होते थे। प्रदेश इतना संवेदनशील हो गया था कि लोग पलायन कर रहे थे। व्यापारियों में भय का माहौल था। छह महीने में स्थिति बदल गई है। अब प्रदेश के सभी स्थानों पर व्यापारी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।’ सीएम ने बताया कि उन्होंने व्यापारियों को बुलाकर बात की है। अब पलायन नहीं हो रहा है। पहले पेशेवर अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा था। भाजपा सरकार में यह संभव ही नहीं है।
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पुलिस वही, पर अब कर रही काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और बसपा की सरकारों ने पुलिस को डिफेंसिव बना दिया था। जो पुलिस पहले थी, वही अब भी है। पर, भाजपा सरकार के छह महीने के शासन में वह अपराधियों और अपराधों पर काबू पाने की दिशा में आक्रामक हुई है। पहले आए दिन हत्या, लूट, डकैती और अपहरण होते थे। बीते छह माह में झांसी में सिर्फ एक अपहरण हुआ। इसमें भी अपहृत को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। अपहर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की। 15 सालों में पुलिस का मनोबल टूट चुका था। अब वे ही काम कर रहे हैं। पहले अपराधियों से जनता और पुलिस भयग्रस्त रहती थी अब अपराधी पुलिस से भय खाने लगे हैं। यह अभियान और तेजी से आगे बढ़ेगा।
जुमलों में नहीं, जमीन पर कानून का राज
प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सुरक्षा और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। आज कानून का राज सिर्फ जुमलों में नहीं सुनाई दे रहा है, बल्कि जमीन पर भी दिख रहा है। अगले दो-तीन वर्षों में बड़े बदलाव दिखेंगे। अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है, लेकिन हम ठीक दिशा में बढ़ रहे हैं। कानून-व्यवस्था सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।